वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में समूह-1 परीक्षा में भारी अनियमितताएं: चंद्रबाबू नायडू

Ads

वाईएसआरसीपी सरकार के कार्यकाल में समूह-1 परीक्षा में भारी अनियमितताएं: चंद्रबाबू नायडू

  •  
  • Publish Date - August 19, 2026 / 09:38 PM IST,
    Updated On - August 19, 2026 / 09:38 PM IST

अमरावती, 19 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को कहा कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान समूह-1 सेवा परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं।

नायडू ने विधानसभा में कहा कि पिछली सरकार के दौरान दक्षिणी राज्य में तबाही मची हुई थी और आरोप लगाया कि पूर्व शासकों ने इस तरह काम किया कि सरकारी संस्थानों पर लोगों का भरोसा ही नहीं रहा।

नायडू ने कहा, ‘‘पिछली सरकार के दौरान समूह-1 परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। लोगों और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को इस मामले के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए एक मजबूत व्यवस्था लागू की जाएगी।

नायडू ने कहा कि समूह-1 परीक्षा के लिए 2018 में अधिसूचना जारी की गई थी, जिसके लिए 1.14 लाख आवेदन प्राप्त हुए और 325 अभ्यर्थियों को ‘शॉर्टलिस्ट’ किया गया।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने डिजिटल मूल्यांकन को खारिज करते हुए पारंपरिक तरीके से मूल्यांकन का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने हलफनामों के जरिए अदालत को गुमराह किया।

नायडू ने आरोप लगाया कि अदालत के निर्देशों के बाद अपनी कार्यप्रणाली सुधारने के बजाय पिछली सरकार ने निजी रिसॉर्ट हैलैंड में मूल्यांकन कराने के आदेश दिए और इसके लिए 1.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

नायडू ने दावा किया कि 66 लोगों ने अनधिकृत रूप से मूल्यांकन किया था।

उन्होंने कहा कि प्रोफेसरों और विशेषज्ञों के बजाय अयोग्य लोगों से मूल्यांकन कराया गया, जो अपराध की गंभीरता को दर्शाता है।

भाषा

राखी अविनाश

अविनाश