आंध्र के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जगन ने दी मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

आंध्र के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जगन ने दी मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

आंध्र के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और जगन ने दी मकर संक्रांति की शुभकामनाएं
Modified Date: January 15, 2026 / 04:22 pm IST
Published Date: January 15, 2026 4:22 pm IST

अमरावती/बेंगलुरु, 15 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने शुक्रवार को राज्य की जनता को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।

नजीर ने कहा कि फसलों का त्योहार ‘मकर संक्रांति’ सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है तथा यह पर्व आंध्र प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष महत्व रखता है और इसे हर्षोल्लास एवं कृतज्ञता के भाव के साथ मनाया जाता है।

लोक भवन से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में नजीर ने कहा, ‘‘मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को संक्रांति के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।’’

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मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि संक्रांति जीवन को सुख और आनंद से भर देती है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि गांवों में भरपूर फसल हो और समृद्धि आए।

नायडू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर मैं राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।’’

इसी प्रकार, जगन मोहन रेड्डी ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिये लोगों को संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।

आंध्र की तरह कर्नाटक में भी संक्रांति बृहस्पतिवार को पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई जा रही है, जिसमें मंदिरों में भारी भीड़ देखी जा रही है और घरों में सदियों पुराने अनुष्ठानों का पालन किया जा रहा है।

बेंगलुरु में हजारों श्रद्धालु सुबह से ही बसवनगुडी के गाविपुरम स्थित ऐतिहासिक गावी गंगाधरेश्वर मंदिर में उमड़े।

मकर संक्रांति के अवसर पर इस मंदिर का विशेष महत्व है, क्योंकि डूबते सूरज की किरणें पत्थर के नंदी की सींगों से टकराती हैं और गुफा मंदिर के अंदर स्थित शिवलिंग को प्रकाशित करती हैं।

मंदिर अधिकारियों ने बताया कि मकर संक्रांति की दोपहर में सूर्य की किरणें सीधे शिवलिंग पर पड़ना एक दुर्लभ और अनूठी घटना है, जो ब्रह्मांडीय संरेखण और भगवान शिव के आशीर्वाद का प्रतीक है।

पुलिस और मंदिर अधिकारियों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है, क्योंकि श्रद्धालु गुफा मंदिर के अधिष्ठाता देवता भगवान शिव के दर्शन करने के लिए कतार में लगे हुए थे।

भाषा तान्या सुरेश

सुरेश


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