दो वर्षों में आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर 82 प्रतिशत बढ़ी: मंत्री नारा लोकेश

दो वर्षों में आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर 82 प्रतिशत बढ़ी: मंत्री नारा लोकेश

दो वर्षों में आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर 82 प्रतिशत बढ़ी: मंत्री नारा लोकेश
Modified Date: September 2, 2026 / 05:16 pm IST
Published Date: September 2, 2026 5:16 pm IST

अमरावती, दो सितंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने बुधवार को कहा कि राज्य में साक्षरता दर 2024 में 72.6 प्रतिशत से बढ़कर 2026 में 82 प्रतिशत हो गई है।

एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शिक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि को ‘‘वास्तव में ऐतिहासिक’’ बदलाव बताते हुए अक्षरा आंध्र मिशन से जुड़े अधिकारियों, शिक्षकों और सभी लोगों को बधाई दी।

विज्ञप्ति में कहा गया कि आंध्र प्रदेश की साक्षरता दर 2024 में 72.6 प्रतिशत थी, जो 2026 में बढ़कर 82.1 प्रतिशत हो गई है।

लोकेश ने कहा कि जब उन्होंने 2024 में शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली थी, तब आंध्र प्रदेश देश में सबसे कम साक्षरता दर वाले राज्यों में शामिल था।

उन्होंने कहा कि उस समय राज्य की साक्षरता दर 72.6 प्रतिशत थी, जो बिहार की 74.3 प्रतिशत की साक्षरता दर से भी कम थी। उन्होंने कहा कि महज दो साल में राज्य की साक्षरता दर सबसे निचले स्तर से बढ़कर 81 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से ऊपर पहुंच गई, जो राज्य के साक्षरता परिदृश्य में बड़ा बदलाव है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2025 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा शुरू किए गए अक्षरा आंध्र कार्यक्रम ने साक्षरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल के तहत करीब 25 लाख लोग साक्षर हुए हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया कि हाल में जारी केंद्र सरकार की वयस्क शिक्षा परीक्षा के परिणामों के अनुसार, दक्षिणी राज्य की साक्षरता दर में 10 प्रतिशत अंक तक की वृद्धि हुई है।

इस बीच, लोकेश ने अधिकारियों को इस गति को बनाए रखने और मिशन मोड में काम करते हुए सितंबर 2027 तक 100 प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने मार्च 2027 तक 25 लाख और लोगों को साक्षर बनाने तथा इसके बाद सितंबर 2027 तक शेष 27 लाख लोगों को साक्षर बनाने की चरणबद्ध योजना तैयार की है।

अक्षरा आंध्र कार्यक्रम 11 सरकारी विभागों के समन्वय से लागू किया जा रहा है।

भाषा प्रचेता मनीषा

मनीषा


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