चिकित्सकों पर हमला मामला: शिवसेना पार्षद की जमानत पर उच्च न्यायालय की रोक
चिकित्सकों पर हमला मामला: शिवसेना पार्षद की जमानत पर उच्च न्यायालय की रोक
(फाइल फोटो के साथ)
मुंबई, 18 जुलाई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने ठाणे जिले के एक सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों पर हमले के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए शिवसेना के पार्षद रमेश म्हात्रे को निचली अदालत से मिली जमानत पर शनिवार को रोक लगा दी।
उच्च न्यायालय ने उन्हें रविवार शाम तक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया।
शनिवार को विशेष सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने ‘मामले की गंभीरता और महत्व’ को देखते हुए स्वत: संज्ञान लिया।
ठाणे जिले की एक अदालत ने 14 जुलाई को कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) के सदस्य म्हात्रे को जमानत दी थी।
आरोप है कि छह जुलाई की रात डोंबिवली के एक महानगरपालिका अस्पताल में एक परिवार को नवजात बच्चे को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दिए जाने के बाद म्हात्रे और उनके साथियों ने दो चिकित्सकों और नर्सों की पिटाई की थी। इसके बाद नेता और उनके साथियों को गिरफ्तार किया गया था।
उच्च न्यायालय ने कल्याण की अदालत द्वारा म्हात्रे को दी गई जमानत के आदेश पर रोक लगा दी। पीठ ने कहा कि मजिस्ट्रेट अदालत ने मामले को बहुत हल्के में लिया और म्हात्रे के आपराधिक रिकॉर्ड पर भी ध्यान नहीं दिया।
उच्च न्यायालय ने म्हात्रे को रविवार शाम तक पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं करने पर उनकी अचल संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
पीठ ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि पहले म्हात्रे के खिलाफ मारपीट के 18 मामले दर्ज किए गए थे, हालांकि इनमें से 17 मामलों में वह बरी हो चुके हैं।
पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की है।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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