आंध्र प्रदेश में श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया भोगी पर्व

आंध्र प्रदेश में श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया भोगी पर्व

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 11:44 AM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 11:44 AM IST

अमरावती, 14 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश में बुधवार को मकर संक्रांति के पहले दिन पूरे धार्मिक श्रद्धाभाव और पारंपरिक उत्साह के साथ भोगी पर्व मनाया गया। फसल उत्सव की शुरुआत के प्रतीक इस पर्व के दौरान मंदिरों, गांवों और कस्बों में अलाव जलाए गए।

तिरुमला श्री वेंकटेश्वर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक भव्यता देखने मिली और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने सदियों पुरानी परंपराओं का पालन करते हुए श्रीवारी मंदिर परिसर के अंदर और आसपास पारंपरिक भोगी अग्नि का आयोजन किया।

टीटीडी के एक अधिकारी ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘संक्रांति उत्सव शुरू होते ही देश भर से श्रद्धालु पर्वतीय मंदिर में उमड़ पड़े और कई लोगों ने भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के बाद खुशी और आध्यात्मिक संतोष व्यक्त किया।’’

प्रकाशम जिले और अन्य जिलों के लोगों ने सुबह-सुबह पारंपरिक अलाव जलाकर भोगी उत्सव मनाया, जो प्रतीकात्मक रूप से पुरानी और अवांछित वस्तुओं को त्यागकर एक नयी शुरुआत का स्वागत करने का प्रतीक है।

कई निवासियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि वे अपने परिवारों के साथ संक्रांति मनाने के लिए दूर-दराज के स्थानों से अपने पैतृक स्थानों पर लौटे हैं।

संक्रांति उत्सवों के बीच धीरे धीरे विलुप्त हो रही हरिदासु परंपरा को प्रकाशम जिले के गंगादेवीप्पल्ले गांव में करीब 10 हरिदासु परिवार संरक्षित करते हुए आजीविका की तलाश में संक्रांति के दौरान कस्बों और शहरों की यात्रा करते हैं।

पिछले 18 वर्षों से हरिदासु परंपरा को निभा रहे हरिदासु मस्तान ने कहा कि वे पारंपरिक वेशभूषा में घर-घर जाकर भक्ति गीत गाते हैं और लोगों को संक्रांति के आगमन और महत्व की याद दिलाते हैं। उन्होंने लोगों, विशेषकर युवा पीढ़ी से इस परंपरा के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को समझने का आग्रह किया।

आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस अब्दुल नजीर ने भी भोगी के अवसर पर लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि भोगी फसल उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है तथा नएपन, कृतज्ञता और समृद्धि का प्रतीक है जो इस क्षेत्र की समृद्ध कृषि परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों को खुशहाल और समृद्ध भोगी उत्सव की शुभकामनाएं दीं।

वाईएसआरसीपी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने भी भोगी, संक्रांति और कनुमा के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।

रेड्डी ने बुधवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भोगी, संक्रांति और कनुमा के अवसरों पर राज्य के सभी लोगों को मेरी शुभकामनाएं।’’

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा