अमरावती, 24 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार के दौरान तिरुपति मंदिर के लिए 20 करोड़ से अधिक पवित्र लड्डू बनाने में लगभग 60 लाख किलोग्राम ‘‘मिलावटी घी’’ का इस्तेमाल किया गया था, जिसमें ‘‘संगठित गिरोह’’ शामिल थे।
नायडू ने कहा कि ऐसे गिरोहों ने प्रसादम से समझौता करके ‘‘अपवित्रता’’ की है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
आंध्र प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को तिरुपति लड्डू बनाने में इस्तेमाल घी में कथित मिलावट के मुद्दे पर एक विशेष चर्चा हुई।
धर्मादा मंत्री ए. रामनारायण रेड्डी ने इस चर्चा की शुरुआत करते हुए इस बात पर गहरा खेद व्यक्त किया कि एक पवित्र परंपरा विवाद का विषय बन गयी है।
तिरुपति में ‘‘भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के पवित्र लड्डू प्रसाद के कथित अपवित्रीकरण’’ पर विधानसभा में हुई संक्षिप्त चर्चा में भाग लेते हुए नायडू ने कहा कि मिलावटी घी की आपूर्ति के मामले में साजिश का पहलू भी शामिल है।
नायडू ने कहा, ‘‘मिलावटी घी की आपूर्ति के मामले में साजिश का पहलू था। इसमें शामिल लोग एक गिरोह बन गए थे। ये सभी बातें फोरेंसिक सबूतों से साबित हो चुकी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘टीटीडी को आपूर्ति किए गए 59.71 लाख किलोग्राम घी में मिलावट पाई गई। 2019 से 2024 के बीच मिलावटी घी से 20 करोड़ से अधिक लड्डू बनाए गए।’’
उन्होंने दावा किया कि विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल के संरक्षक तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने मिलावटी घी की खरीद पर लगभग 234.51 करोड़ रुपये खर्च किए।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने (पिछली सरकार ने) संगठित अपराध के तहत लड्डू (पवित्र मिठाई) में मिलावट करके अपवित्रता की।’’
उन्होंने यह भी दावा किया कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी के शासनकाल के दौरान 2019 और 2024 के बीच मंदिरों पर कई हमले हुए थे।
नायडू ने कहा कि उन्होंने मिलावटी घी के बारे में टिप्पणी पहले की गई एनडीडीबी रिपोर्ट के आधार पर की थी।
आंध्र प्रदेश में 2024 में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की बैठक के दौरान चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि पूर्ववर्ती वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और वहां भी लड्डू बनाने में घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल किया।
भाषा गोला रंजन
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