मुंबई, पांच जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख हर्षवर्द्धन सपकाल ने सोमवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति की सत्ता की लालसा ‘लोकतंत्र को निगलने’ की हद तक पहुंच गई है।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान से पहले ही सत्तारूढ़ गठबंधन के 68 उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर तीखी बहस हो रही है।
सपकाल ने यहां एक प्रेसवार्ता में कहा कि देवेंद्र फडणवीस सरकार नगर निकाय चुनावों में निर्विरोध जीत हासिल करने के लिए दबाव बना रही है, धमकियां दे रही है और धन-बल के इस्तेमाल से लोकतंत्र को कमजोर कर रही है।
सपकाल ने आरोप लगाया, ‘‘मौजूदा नगर निकाय चुनावों में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के सिद्धांत से घोर समझौता किया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया है। मतदान से पहले ही खुलेआम धन-बल का खेल चल रहा है। भाजपा नीत महायुति की सत्ता की भूख लोकतंत्र को निगलने की हद तक पहुंच गई है।’’
सपकाल ने कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्षी दलों का भी समान महत्व है।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के मंत्रिमंडल का हवाला दिया, जिसमें गैर-कांग्रेसी दलों के मंत्री भी शामिल थे और इसे लोकतांत्रिक मूल्यों तथा परंपरा के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
सपकाल ने कहा, ‘‘मतदाताओं को उन वार्ड में भी ‘उपरोक्त में से कोई नहीं’ (नोटा) का विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए जहां उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित होते हैं, ताकि नागरिक मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग कर सकें।’’
सपकाल ने यह भी दावा किया कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने अपने संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
सपकाल ने कहा, ‘‘विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों से राजनीतिक पूर्वाग्रह से ऊपर उठने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन नार्वेकर ऐसा करने में विफल रहे हैं। नार्वेकर ने पहले दलबदल विरोधी कानून को कमजोर किया था और अब नगर निकाय चुनावों के दौरान अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए वह अपने पद का दुरुपयोग कर बेहद निचले स्तर पर उतर आए हैं।’’
कांग्रेस नेता ने नार्वेकर पर विपक्षी उम्मीदवारों को बाधा पहुंचाने, धमकी देने और सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया तथा राष्ट्रपति से उन्हें पद से हटाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर विपक्षी उम्मीदवारों को कथित तौर पर मिली धमकियों की जांच की मांग की थी, लेकिन आयोग ने सबूत मांगे।
विपक्षी दलों का यह आरोप कोलाबा निर्वाचन क्षेत्र के वार्ड संख्या 225, 226 और 227 से संबंधित है, जहां नार्वेकर के रिश्तेदार 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवार हैं। राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवालकर और एक अन्य रिश्तेदार हर्षिता शिवालकर इन वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं।
भाषा यासिर अविनाश
अविनाश