भाजपा का कांग्रेस-एआईएमआईएम से गठबंधन उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है: शिवेसना (उबाठा)

भाजपा का कांग्रेस-एआईएमआईएम से गठबंधन उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है: शिवेसना (उबाठा)

भाजपा का कांग्रेस-एआईएमआईएम से गठबंधन उसके दोहरे मापदंड को दर्शाता है: शिवेसना (उबाठा)
Modified Date: January 7, 2026 / 04:02 pm IST
Published Date: January 7, 2026 4:02 pm IST

मुंबई, सात जनवरी (भाषा)शिवसेना (उबाठा) नेता सचिन अहीर ने महाराष्ट्र की दो नगरपालिका परिषदों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा धुर विरोधी कांग्रेस और एआईएमआईएम के साथ गठबंधन करने पर बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह भाजपा के दोहरे मापदंड को प्रतिबिंबित करता है और दिखाता है कि वह सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है।

महाराष्ट्र में पिछले महीने हुए नगर निकाय चुनावों के बाद, सत्तारूढ़ भाजपा ने अपने धुर प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ के बैनर तले गठबंधन किया था ताकि राज्य स्तर पर सहयोगी शिवसेना को किनारे कर ठाणे जिले स्थित अंबरनाथ नगरपालिका परिषद की सत्ता प्राप्त की जा सके।

भाजपा ने अकोला जिले के अकोट नगरपालिका परिषद में भी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और अन्य पार्टियों के साथ इसी तरह का गठबंधन किया है।

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शिवसेना(उबाठा) के विधान परिषद सदस्य अहीर ने कहा, ‘‘यह भाजपा के दोहरे मापदंड को दर्शाता है। सत्ता हथियाने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार रहते हैं।’’

शिवसेना (उबाठा)के राज्यसभा सदस्य ने पूर्व सहयोगी भाजपा को ‘दो मुंह वाला केंचुआ’ करार दिया।

राउत ने दावा किया कि भाजपा ने 15 जनवरी को होने वाले मीरा-भयंदर महानगरपालिका चुनावों में एआईएमआईएम का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा कि अकोट से लेकर अंबरनाथ तक, भाजपा एआईएमआईएम और कांग्रेस को परोक्ष रूप से और कुछ मामलों में खुले तौर पर समर्थन दे रही है। यह महाराष्ट्र में एक नया चलन है।

भाजपा नेता एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस नीत राज्य की ‘महायुति’ सरकार में एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना और अजित पवार नीत राकांपा सहयोगी है।

अंबरनाथ नगर निकाय सदन में कुल 60 सदस्य हैं। 20 दिसंबर को हुए चुनावों में, शिवसेना ने 27 सीटें जीतीं, जो बहुमत से मात्र चार कम थीं। भाजपा को 14, कांग्रेस को 12, राकांपा को चार सीट मिलीं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

अकोट में, भाजपा ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर ‘अकोट विकास मंच’ का गठन किया, इसके अलावा उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा), शिंदे की शिवसेना, अजित पवार की राकांपा, शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी)और बच्चू काडू की प्रहार जनशक्ति पार्टी का भी समर्थन प्राप्त किया।

फडणवीस ने कहा है कि इस तरह के समझौते अस्वीकार्य हैं और इन्हें रद्द कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बुधवार सुबह एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि कांग्रेस या एआईएमआईएम के साथ किसी भी प्रकार का गठबंधन स्वीकार्य नहीं होगा। यदि किसी स्थानीय नेता ने ऐसा निर्णय अपनी मर्जी से लिया है, तो यह अनुशासनहीनता है और इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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