मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाना हिंदू अस्मिता पर हमला है: नाना पटोले

मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाना हिंदू अस्मिता पर हमला है: नाना पटोले

मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाना हिंदू अस्मिता पर हमला है: नाना पटोले
Modified Date: January 20, 2026 / 09:40 pm IST
Published Date: January 20, 2026 9:40 pm IST

मुंबई, 20 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने मंगलवार को कहा कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ करना हिंदू समुदाय का अपमान है।

पटोले ने कहा, “मणिकर्णिका घाट को हिंदू धर्म के सबसे पवित्र स्थलों में से एक माना जाता है, और यह मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार वहां किया जाए, तो उसे मोक्ष प्राप्त होता है। ऐसे पवित्र स्थल पर बुलडोजर चलाना हिंदू अस्मिता पर गंभीर हमला है।”

महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पटोले ने मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास योजना के तहत की गई तोड़फोड़ के खिलाफ प्रदर्शन की बात भी की। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने आरोप लगाया है कि अहिल्याबाई होलकर की एक सदी पुरानी मूर्ति को नुकसान पहुंचा है। हालांकि जिलाधिकारी ने इन आरोपों को खारिज किया है।

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पटोले ने कहा, “18वीं सदी में इंदौर की प्रसिद्ध शासक अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ और सोमनाथ जैसे कई महत्वपूर्ण हिंदू मंदिरों का पुनर्निर्माण कराया था। जो लोग हिंदू धर्म के रक्षक होने का दावा करते हैं, वे उसी धरोहर को नष्ट कर रहे हैं, जिसे अहिल्याबाई होलकर ने बनाया था। यह हिंदुओं और होलकर परिवार से संबंधित धंगार समुदाय का अपमान है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि अहिल्याबाई होलकर द्वारा बनाए गए सैकड़ों मंदिरों और मणिकर्णिका घाट को विकास के नाम पर नष्ट कर दिया गया और यहां तक कि रानी की मूर्ति को भी क्षति पहुंचाई गई।

उन्होंने कहा कि वह बुधवार को वाराणसी जाकर असलियत का पता लगाएंगे।

इससे पहले इस सप्ताह उत्तर प्रदेश पुलिस ने मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास कार्य के बारे में गलत जानकारी फैलाने और ‘एआई’ से तैयार चित्र व वीडियो प्रसारित करने के आरोप में आठ व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

भाषा जोहेब माधव अविनाश

अविनाश


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