मुंबई, 28 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री शंभुराज देसाई ने शनिवार को राज्य विधानसभा को सूचित किया कि बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और मुंबई पुलिस के प्रयास से खुले स्थानों और सार्वजनिक उद्यानों में पहुंचकर नशा करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए संयुक्त अभियान शुरू किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए सार्वजनिक उद्यानों में सुरक्षा व्यवस्था को उन्नत किया जाएगा और महाराष्ट्र पूर्व सैनिक निगम (एमईएससीओ) से कर्मियों को तैनात करने का प्रस्ताव रखा।
शिवसेना के महेश लांडे ने ध्यानाकर्षण नोटिस के माध्यम से शहर के सार्वजनिक उद्यानों में मादक पदार्थों के खतरे का मुद्दा उठाया।
देसाई ने कहा कि बीएमसी और पुलिस की ओर से सार्वजनिक उद्यानों और खुले स्थानों पर मादक पदार्थों के खतरे से निपटने के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शहर में 895 उद्यान हैं, जिनमें से 604 पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों में स्थित हैं।
हालांकि सभी उद्यानों में सुरक्षा गार्ड शिफ्ट में काम करते हैं, लेकिन नशा करने वालों की संख्या सुरक्षाकर्मियों से कहीं अधिक है जिससे सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं।
महेश ने उद्यानों और खुले स्थानों को नशाखोरों से मुक्त कराने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह सैर करने वालों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है, और उद्यानों में बिखरी शराब की बोतलों और सिगरेट के पैकेटों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
समाजवादी पार्टी के अबू आसिम आजमी (एसपी) और भाजपा विधायक मनीषा चौधरी ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नागरिकों द्वारा सामना की जा रही इसी तरह की समस्याओं को उजागर किया और सुझाव दिया कि उद्यानों में रात भर बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और इन परिसरों के सीसीटीवी कैमरों को स्थानीय पुलिस थानों से जोड़ा जाए।
दोनों विधायकों ने दावा किया कि नशा करने वाले लोग सार्वजनिक शौचालयों का भी इस्तेमाल करते हैं।
भाषा तान्या संतोष
संतोष