पुणे (महाराष्ट्र), 11 जून (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत के साथ आज ही बाद में अपना शिक्षा घोषणापत्र जारी करेंगे।
इसके साथ ही दीपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
दीपके ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होंगे, जो शाम को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) परिसर में शुरू होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हम आज एसपीपीयू से अपने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कर रहे हैं। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा और संविधान के दायरे में रहेगा। आज हम अपना शिक्षा घोषणापत्र भी जारी करेंगे।’’
उन्होंने बताया, ‘‘घोषणापत्र में प्रश्नपत्र लीक रोकने, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करने, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, परीक्षा प्राधिकरणों की जवाबदेही मजबूत करने तथा परीक्षाओं के आयोजन में देरी और अनियमितताओं से छात्रों को होने वाली समस्याओं के समाधान जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है।’’
दीपके ने कहा कि पुणे से शुरू किए जा रहे इस राष्ट्रीय अभियान को वह जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु समेत विभिन्न शहरों तक ले जाएंगे और 20 जून को नयी दिल्ली के जंतर मंतर पर एकत्रित होंगे।
उन्होंने दावा किया, ‘‘जब तक हमें शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं मिलता, तब तक हम वापस नहीं लौटेंगे। एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए वही जिम्मेदार हैं।’’
दीपके ने कहा कि वह सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनका आरोप है कि संवाद करने के बजाय सरकार सीजेपी के सोशल मीडिया खातों को निलंबित कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सीजेपी देश के लिए एक बड़ा संदेश है। सरकार युवाओं की अनदेखी नहीं कर सकती। हमें फर्जी कहने के बजाय युवाओं की समस्याओं और मुद्दों को समझने की कोशिश कीजिए।’’
अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दीपके की कथित तस्वीर का जिक्र करते हुए शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने कहा कि किसी ने उन्हें यह तस्वीर भेजी है।
राउत ने कहा, ‘‘लोगों में फुसफुसाहट है कि उस मुलाकात के बाद दीपके भारत आ गए। मैं इसकी जानकारी जुटा रहा हूं। हम आग में नहीं कूदेंगे। राजनीतिक दल और संगठन अपनी लड़ाई खुद लड़ने में सक्षम हैं।’’
हालांकि, दीपके ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि तस्वीर कृत्रिम मेधा (एआई) द्वारा तैयार की गई लगती है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री से कैसे मिल सकता हूं? मैं तो अमेरिका में सिर्फ एक छात्र था। प्रधानमंत्री से मिलने के लिए प्रोटोकॉल कितने सख्त होते हैं, यह तो सभी जानते हैं।’’
उन्होंने आगे बताया कि लगभग 15 दिन पहले तक वह अमेरिका में नौकरी की तलाश कर रहे थे।
हाल के सप्ताहों में यह समूह परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया अभियानों के माध्यम से चर्चा में आया है और खुद को शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करने वाले युवाओं के नेतृत्व वाले मंच के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
इस संगठन ने छह जून को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए छात्रों और युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी।
भाषा संतोष माधव
माधव