पोलावरम परियोजना में देरी के लिए मुख्यमंत्री नायडू जिम्मेदार: वाईएसआरसीपी

पोलावरम परियोजना में देरी के लिए मुख्यमंत्री नायडू जिम्मेदार: वाईएसआरसीपी

पोलावरम परियोजना में देरी के लिए मुख्यमंत्री नायडू जिम्मेदार: वाईएसआरसीपी
Modified Date: January 8, 2026 / 12:28 pm IST
Published Date: January 8, 2026 12:28 pm IST

अमरावती, आठ जनवरी (भाषा) युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के वरिष्ठ नेता ए. रामबाबू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर पलटवार करते हुए पोलावरम परियोजना को लेकर ‘‘झूठे विमर्श’’ गढ़ने का आरोप लगाया है, ताकि वे ‘‘इंजीनियरिंग संबंधी अपनी गलतियों’’ को छुपा सकें।

रामबाबू का यह पलटवार नायडू की परियोजना स्थल पर यात्रा के बाद हुआ जहां उन्होंने पूर्ववर्ती जगन मोहन रेड्डी नीत सरकार पर “पांच वर्षों की उपेक्षा” का आरोप लगाया था।

बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए रामबाबू ने कहा, ‘‘नायडू पोलावरम परियोजना पर झूठी बातें फैला रहे हैं ताकि परियोजना में लंबी देरी के लिए जवाबदेही से बच सकें।’’

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उन्होंने कहा कि मौजूदा देरी नायडू के पिछले कार्यकाल के दौरान हुई ‘‘तकनीकी गलतियों’’ का सीधा परिणाम है।

उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय जल आयोग और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की चेतावनियों के बावजूद स्थापित प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए कॉफरडैम को पूरा किए बिना ही डायाफ्राम की दीवार का निर्माण किया गया था।

विपक्षी दल के नेता ने तर्क दिया कि नदी के उचित मार्ग परिवर्तन के बिना कॉफरडैम को बंद करने से बाढ़ आई जिससे डायाफ्राम की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।

उनके अनुसार, नायडू ने जल भंडारण स्तर कम करने पर सहमति जताकर पोलावरम को एक बांध-स्तरीय परियोजना तक सीमित कर दिया, जिससे सिंचाई, पेयजल आपूर्ति और उत्तरी आंध्र के विकास पर असर पड़ा।

उन्होंने नायडू पर तेलंगाना नेतृत्व को ‘‘खुश करने’’ के लिए रायलसीमा लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं सहित आंध्र के हितों से बार-बार समझौता करने का आरोप लगाया।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा


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