खरात मामले में कांग्रेस ने संवेदनशील जानकारी लीक किए जाने का आरोप लगाया

खरात मामले में कांग्रेस ने संवेदनशील जानकारी लीक किए जाने का आरोप लगाया

खरात मामले में कांग्रेस ने संवेदनशील जानकारी लीक किए जाने का आरोप लगाया
Modified Date: April 4, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: April 4, 2026 9:30 pm IST

मुंबई, चार अप्रैल (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने शनिवार को आरोप लगाया कि गिरफ्तार ‘स्वयंभू बाबा’ अशोक खरात से संबंधित संवेदनशील जानकारी लीक की जा रही है और सवाल उठाया कि क्या महायुति सरकार निजी हिसाब चुकता करने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है।

खरात को 18 मार्च को एक महिला के साथ तीन साल तक बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में हुई जांच में यौन उत्पीड़न और वित्तीय अनियमितताओं सहित कई अपराधों का खुलासा हुआ। अब तक खरात के खिलाफ कुल आठ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

एक बयान में, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने दावा किया कि इस मामले में सत्ताधारी महायुति के कई नेताओं के नाम सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से जुड़े हालिया घटनाक्रम पिछले दावों की पुष्टि करते प्रतीत होते हैं।

उन्होंने सवाल किया कि चल रही जांच का हिस्सा होने के बावजूद इतने महत्वपूर्ण और गोपनीय सबूत सार्वजनिक कैसे हो रहे हैं?

उन्होंने पूछा, ‘क्या यह जांच एजेंसियों की लापरवाही का मामला है, या फिर इनका दुरुपयोग चुनिंदा जानकारी लीक करने और हिसाब बराबर करने के लिए किया जा रहा है?’

इस मुद्दे को ‘बेहद गंभीर’ बताते हुए उन्होंने कहा कि एजेंसियों की कथित संलिप्तता या इस तरह के लीक को रोकने में उनकी विफलता ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ है और इससे जनता का विश्वास डगमगाता है।

उन्होंने पहले भी ऐसे मामले सामने आने का जिक्र किया, जिनमें महिलाओं से जुड़े वीडियो वायरल हुए थे।

उन्होंने दावा किया कि ये वीडियो जांच से जुड़े थे और इनसे संबंधित लोगों को काफी मानसिक पीड़ा हुई थी।

सावंत ने कहा कि कई लोगों के जीवन और परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ा है और उन्होंने इस स्थिति को राज्य के लिए ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया।

सावंत ने सवाल उठाया कि क्या ये लीक जांच एजेंसियों की ‘घोर लापरवाही’ का नतीजा हैं या सत्ताधारी गठबंधन की कोई ‘सोची-समझी रणनीति’।

उन्होंने कहा, ‘ क्या महायुति निजी दुश्मनी निकालने के लिए लीक के जरिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर रही है? यह एक बेहद गंभीर प्रवृत्ति है। इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों की भूमिका चिंताजनक है और महाराष्ट्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”

कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और आरोपी स्वयंभू बाबा अशोक खरात के बीच अतीत में किसी अवधि के दौरान कम से कम 17 बार फोन पर बातचीत हुई थी।

उन्होंने एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के कुछ नेताओं ने भी इस स्वयंभू बाबा से फोन पर बात की थी।

दमानिया ने दावा किया कि उन्हें किसी अज्ञात नंबर से व्हाट्सऐप पर खरात का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) प्राप्त हुआ।

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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