कांग्रेस सम्मान की पात्र, उसे चुनाव लड़ने का अधिकार : सुप्रिया सुले
कांग्रेस सम्मान की पात्र, उसे चुनाव लड़ने का अधिकार : सुप्रिया सुले
मुंबई, सात अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र की बारामती विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता पार्थ पवार की ओर से निंदा किये जाने के एक दिन बाद राकांपा(शप) सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को कहा कि चुनाव लड़ना एक संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस सम्मान की पात्र है।
सुले ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राकांपा नेताओं ने सोमवार को पार्थ की मां एवं महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के वक्त उपस्थित रहने के लिए उन्हें और राकांपा(शप) अध्यक्ष शरद पवार को आमंत्रित किया गया था।
पार्थ पवार ने सोमवार को कहा कि सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ेगा।
पार्थ के बयान पर राकांपा(शप) प्रमुख शरद पवार ने सार्वजनिक रूप से कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उनकी राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठाया था। पवार परिवार के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि कांग्रेस को स्वतंत्र राजनीतिक दल के रूप में चुनाव लड़ने का अधिकार है।
राकांपा प्रमुख एवं सुनेत्रा पवार के पति अजित पवार की 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मृत्यु के कारण 23 अप्रैल को इस सीट से उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया था।
पार्थ की टिप्पणी और उसपर शरद पवार की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा, ‘‘हमारे परिवार में, जब बड़े बोलते हैं, तो हम सुनते हैं, और निजी सलाह घर पर ही दी जाती है, सार्वजनिक रूप से नहीं। मेरा पालन-पोषण इसी सिद्धांत के साथ किया गया है और मैं इसका पालन अपने परिवार और राजनीति दोनों में करती हूं।’’
बारामती सांसद सुले ने कहा कि कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका निभाई और देश की प्रगति तथा विकास के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. बी. आर. आंबेडकर द्वारा तैयार किए गए संविधान के अनुसार कांग्रेस को चुनाव लड़ने का अधिकार है।
सुले ने कहा, ‘‘यह एक ऐसी पार्टी है, जो संविधान के दायरे में रहकर काम करती है और सम्मान की पात्र है। मैंने कांग्रेस के समर्थन और मार्गदर्शन में चुनाव लड़ा है। हम कांग्रेस की विचारधारा के साथ बड़े हुए हैं।’’
सुले के पिता शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था, लेकिन बाद में उसके साथ गठबंधन कर लिया।
उन्होंने कहा कि राकांपा नेता छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल ने सुनेत्रा पवार द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किये जाने के समय मुझे और शरद पवार को उपस्थित रहने के लिए आमंत्रित किया।
सुले ने अपनी अनुपस्थिति का कारण बताए बिना कहा, ‘‘पवार साहब को दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेनी थी, इसलिए वह वहां उपस्थित नहीं हो सके।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह चुनाव प्रचार के लिए बारामती जाएंगी, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)-नीत ‘महायुति’ ने राकांपा अध्यक्ष रहे अजित पवार के सम्मान में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को निर्विरोध निर्वाचित कराने की अपील की थी। राकांपा(शप) और शिवसेना(उबाठा) ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे, लेकिन कांग्रेस ने आकाश मोरे को प्रत्याशी बनाने की घोषणा की।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश

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