चंद्रपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी: भाजपा,शिवसेना (उबाठा) ने भी महापौर पद पर दावा किया

चंद्रपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी: भाजपा,शिवसेना (उबाठा) ने भी महापौर पद पर दावा किया

चंद्रपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी: भाजपा,शिवसेना (उबाठा) ने भी महापौर पद पर दावा किया
Modified Date: January 17, 2026 / 08:03 pm IST
Published Date: January 17, 2026 8:03 pm IST

चंद्रपुर (महाराष्ट्र), 17 जनवरी (भाषा) चंद्रपुर महानगरपालिका चुनाव में खंडित जनादेश सामने आने के बाद महापौर की खींचतान शुरू हो गई है। नगर निकाय में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और शिवसेना (उबाठा) ने भी शनिवार को महापौर पद का दावेदार होने का दावा किया।

महाराष्ट्र के अन्य 28 महानगरपालिकाओं के साथ चंद्रपुर महापालिका चुनाव के भी नतीजे घोषित किये गए। नगर निकाय के 66 सदस्यीय सदन में कांग्रेस को 27 सीट मिली है जबकि भाजपा 23 सीट के साथ दूसरे स्थान पर है। उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) ने छह सीटें मिली हैं।

इसके अलावा, भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष को तीन, वंचित बहुजन आघाडी को दो और एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक-एक सीट पर जीत मिली है। दो निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी हुए हैं।

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शिवसेना (उबाठा) के जिला प्रमुख संदीप गिर्हे ने कहा कि चंद्रपुर का महापौर उनकी पार्टी से होगा। हालांकि, उन्होंने संभावित गठबंधनों को लेकर कोई विवरण देने से इनकार किया।

पूर्व राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि आने वाले दिनों में उनकी पार्टी चंद्रपुर महानगरपालिका में अपना परचम लहराएगी।

उन्होंने कहा कि विकास को प्राथमिकता देने वाले निर्दलीय और अन्य पार्षदों के साथ सकारात्मक चर्चा जारी है।

चंद्रपुर महानगरपालिका के लिए 2017 में हुए चुनाव में भाजपा ने 36 सीट पर जीत दर्ज की थी।

मुनगंटीवार ने कहा, ‘‘चंद्रपुर महानगरपालिका में जनता ने विकास के लिए जनादेश दिया है। कांग्रेस बहुमत हासिल करने में विफल रही है। ऐसे में मुझे पूरा विश्वास है कि महापौर भाजपा और उसके सहयोगियों का ही होगा।’’

वहीं, शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया था कि उनकी पार्टी 40 से अधिक पार्षदों के समर्थन से महानगरपालिका की सत्ता में आएगी और अपना महापौर बनाएगी।

उन्होंने चुनाव नतीजों का हवाला देते हुए कहा था कि कांग्रेस के 27 पार्षदों के अलावा भारतीय शेतकरी कामगार पक्ष के तीन पार्षदों ने भी समर्थन दिया है।

वडेट्टीवार ने दावा किया कि पार्टी टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले दो पार्षद भी कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं।

भाषा

राखी धीरज

धीरज


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