चंद्रपुर निकाय चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, पांच पार्षदों का समर्थन का दावा

चंद्रपुर निकाय चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, पांच पार्षदों का समर्थन का दावा

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  • Publish Date - January 16, 2026 / 10:12 PM IST,
    Updated On - January 16, 2026 / 10:12 PM IST

मुंबई/चंद्रपुर, 16 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के 29 महानगर पालिका चुनाव के शुक्रवार को आए नतीजों के मुताबिक कांग्रेस ने चंद्रपुर में भाजपा को झटका देते हुए सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है और उसे कुल 66 में से 27 सीट पर जीत मिली है।

घोषित नतीजों के मुताबिक कांग्रेस ने 27 सीट पर जीत दर्ज की हैं जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खाते में 23, शिवसेना (उबाठा) ने छह और जन विकास सेना को तीन, वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) को दो और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में दो सीट गई हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना,ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन( एआईएमआईएम) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को एक-एक सीट मिली है।

चंद्रपुर में 2017 के चुनावों में भाजपा को 66 सीट में से 36 पर जीत मिली थी और सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने चंद्रपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी महानगपालिका की सत्ता में आएगी और 40 से अधिक पार्षदों के समर्थन से अपना महापौर नियुक्त करेगी।

उन्होंने चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के पार्षदों के अलावा जनविकास सेना के तीन पार्षदों ने भी पार्टी को समर्थन दिया है।

वडेट्टीवार ने दावा किया कि टिकट न मिलने के बावजूद चुनाव लड़ने वाले दो निर्दलीय पार्षद भी कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया मतदाताओं ने भाजपा के नेतृत्व वाले नगर प्रशासन के ‘‘भ्रष्ट और जनविरोधी’’ कामकाज को खारिज कर दिया है।

वडेट्टीवार ने कहा, ‘‘भ्रष्टाचार, झूठे वादे और सत्ता के अहंकार के कारण लोगों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है।’’

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय के बाहर पटाखे फोड़ और ढोल की थाप पर नृत्य कर जीत का जश्न मनाया।

चंद्रपुर में जीत दर्ज करने वाले प्रमुख चेहरों में कांग्रेस की संगीता अमृतकर, भाजपा के संजय कंचारलावार, कांग्रेस के वसंत देशमुख, कांग्रेस के राजेश अड्डूर और जन विकास सेना के प्रदीप उर्फ ​​पप्पू देशमुख शामिल हैं।

हारने वालों में रामू तिवारी, संतोष लाहमगे, राखी कंचर्लावर और अंजलि घोटेकर शामिल हैं।

भाषा धीरज माधव

माधव