कांग्रेस नेता ने मुंबई प्रमुख गायकवाड के इस्तीफे की मांग की, मिला कारण बताओ नोटिस

कांग्रेस नेता ने मुंबई प्रमुख गायकवाड के इस्तीफे की मांग की, मिला कारण बताओ नोटिस

कांग्रेस नेता ने मुंबई प्रमुख गायकवाड के इस्तीफे की मांग की, मिला कारण बताओ नोटिस
Modified Date: January 17, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: January 17, 2026 9:27 pm IST

मुंबई, 17 जनवरी (भाषा) मुंबई निकाय चुनाव में कांग्रेस को अब तक की सबसे कम सीट मिलने के एक दिन बाद शनिवार को पार्टी में जारी गुटबाजी एक बार फिर से उभर आई और पार्टी के नेताओं ने नैतिक आधार पर नगर इकाई की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड के इस्तीफे की मांग उठाई।

कांग्रेस की मुंबई इकाई के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा हालांकि चुनाव जिन “प्रतिकूल” परिस्थितियों में हुए उन्हें देखते हुए पार्टी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा।

वर्ष 2017 में हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनाव में कांग्रेस ने 227 में से 31 सीट पर जीत हासिल की थी, जो इस बार घटकर 24 रह गयी, जिसके बाद गायकवाड आलोचनाओं के घेरे में आ गईं।

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कांग्रेस ने महाविकास आघाडी (एमवीए) के घटक दल के साथ चुनाव में गठबंधन नहीं किया था।

पार्टी ने वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई)-गवई के साथ मिलकर 152 सीट पर चुनाव लड़ा, हालांकि, सहयोगी दलों को एक भी सीट नहीं मिली।

इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीत हासिल कर बीएमसी में उद्धव ठाकरे के परिवार का तीन दशक पुराना वर्चस्व समाप्त कर दिया।

भाजपा ने 89 सीट, जबकि शिवसेना ने 29 सीट पर जीत हासिल की।

वहीं विपक्षी शिवसेना (उबाठा) को 65 सीट और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने छह सीट पर जीत हासिल की।

एआईएमआईएम को आठ सीट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को तीन, समाजवादी पार्टी को दो और राकांपा (शप) को सिर्फ एक सीट पर हासिल हुई।

कांग्रेस की मुंबई इकाई के पूर्व अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने नैतिक आधार पर गायकवाड से इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ को बताया, “जब उम्मीदवारों का चयन हुआ, तो मुझे बताया गया कि टिकट सर्वेक्षण के आधार पर बांटे गए हैं। मैंने उस समय आपत्ति नहीं जताई, लेकिन जब मैंने सर्वेक्षण रिपोर्ट मांगी, तो मुझे दिखाई नहीं गई।”

जगताप ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस का प्रदर्शन अब तक का सबसे खराब रहा है।

कांग्रेस ने शनिवार को जगताप को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके बयानों को पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताया।

मुंबई और कोंकण क्षेत्र के प्रभारी कांग्रेस सचिव यूबी वेंकटेश द्वारा जारी नोटिस में जगताप से सात दिनों के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया कि सार्वजनिक और मीडिया मंचों के माध्यम से गायकवाड़ के इस्तीफे की मांग करने के आरोप में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।

नोटिस के मुताबिक, पार्टी जगताप के बयानों को ‘गंभीर चिंता’ की दृष्टि से देखती है क्योंकि ये बयान मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर दिए गए थे और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रसारित हुए थे।

नोटिस में बताया गया, “इस तरह के बयान कांग्रेस के स्थापित मानदंडों, अनुशासन और नैतिक ढांचे का स्पष्ट उल्लंघन हैं। संगठनात्मक कामकाज, नेतृत्व और आंतरिक मतभेदों से संबंधित मामलों को पार्टी के आंतरिक मंचों के भीतर ही उठाया जाना चाहिए, न कि सार्वजनिक या मीडिया मंचों के माध्यम से।”

कांग्रेस ने जगताप को चेतावनी दी कि निर्धारित समय के भीतर संतोषजनक जवाब न देने पर पार्टी को उनसे आगे कोई परामर्श लिए बिना मामले में आगे बढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

मुख्य प्रवक्ता सावंत ने पार्टी के प्रदर्शन को संतोषजनक बताते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने दृढ़ संकल्प के साथ संघर्ष किया और सत्ताधारी गठबंधन के दबाव के बावजूद “जीत” हासिल की।

भाषा जितेंद्र माधव

माधव


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