कांग्रेस, राकांपा (शप) ने भाजपा एवं संघ पर ‘जेन-जी’ को लेकर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया

कांग्रेस, राकांपा (शप) ने भाजपा एवं संघ पर ‘जेन-जी’ को लेकर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया

कांग्रेस, राकांपा (शप) ने भाजपा एवं संघ पर ‘जेन-जी’ को लेकर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया
Modified Date: August 7, 2026 / 03:18 pm IST
Published Date: August 7, 2026 3:18 pm IST

मुंबई, सात अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी दलों, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से शुक्रवार को सवाल किया कि जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत कहते हैं कि ‘जेन-जी’ को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए तो भाजपा नेताओं ने युवा प्रदर्शनकारियों पर हमला क्यों बोला।

कांग्रेस एवं राकांपा (शप) ने सत्तारूढ़ भाजपा और आरएसएस पर ‘‘दोहरी राजनीति’’ करने का आरोप लगाया।

भागवत ने बृहस्पतिवार को मुंबई में ‘जेन-जी’ (1997 से 2012 के बीच जन्मे) और ‘जेन-अल्फा’ (2013 से 2025 के बीच जन्मे) पीढ़ी के करीब 2,000 लोगों की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, ‘‘अगर ‘जेन-जी’ के लोग आंदोलन कर रहे हैं तो वे राष्ट्रविरोधी नहीं हैं, वे अपने ही लोग हैं। यह हमारी अगली पीढ़ी है। उनके साथ संवाद और तालमेल की जरूरत है।’’

राकांपा (शप) के प्रवक्ता महेश तापसे ने एक बयान में कहा कि देश संघ परिवार के दो बिल्कुल अलग-अलग चेहरे देख रहा है।

उन्होंने कहा कि एक ओर भागवत यह कहकर नरम रुख पेश कर रहे हैं कि ‘जेन-जी’ को राष्ट्रविरोधी नहीं कहा जाना चाहिए, दूसरी ओर नीट विवाद को लेकर देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान सांसद निशिकांत दुबे और कंगना रनौत समेत भाजपा के कई प्रमुख नेताओं ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर सार्वजनिक रूप से गंभीर आरोप लगाए थे।

तापसे ने कहा, ‘‘इस विरोधाभास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। भारत के युवा यह जानने के हकदार हैं कि इनमें से कौन-सा चेहरा आरएसएस की वास्तविक विचारधारा को दर्शाता है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि यह सोच-समझकर बनाई गई राजनीतिक रणनीति है। एक आवाज सत्ता प्रतिष्ठान की छवि को नरम दिखाने की कोशिश करती है, जबकि दूसरी असहमति जताने वालों को डराने, समाज में ध्रुवीकरण पैदा करने और उनके विरोध को अनुचित ठहराने में लगी रहती है। भारत के युवाओं को इस ‘दोहरे मापदंड’ से गुमराह नहीं किया जा सकता।’’

राकांपा (शप) नेता ने कहा कि यदि भागवत वास्तव में मानते हैं कि ‘जेन-जी’ संवाद, सम्मान और भरोसे के हकदार हैं तो उन्हें नैतिक तौर पर भाजपा के उन नेताओं की सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिए, जिन्होंने इन्हीं युवाओं की मंशा और देशभक्ति पर कई बार सवाल उठाए हैं।

तापसे ने कहा, ‘‘भाजपा और आरएसएस दो अलग-अलग स्वर में बात करते हुए देश से यह उम्मीद नहीं कर सकते कि लोग उनपर विश्वास करें। राजनीतिक बयानों के जरिये भारत के युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती।’’

उन्होंने कहा कि देश के युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी परीक्षाएं, रोजगार के अवसर और शासन में जवाबदेही चाहते हैं।

राकांपा (शप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि भाजपा और उसके समर्थक अब ‘जेन-जी’ की लोकप्रियता का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जब इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया तब वे कहां थे? ‘जेन-जी’ प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।’’

कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि भागवत ने ‘जेन-जी’ की शिक्षा को लेकर चिंता जताई है। वह आरएसएस प्रमुख की उस टिप्पणी का उल्लेख कर रहे थे, जिसमें उन्होंने शिक्षा पर खर्च बढ़ाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का छह प्रतिशत करने की पैरवी की थी।

सावंत ने एक बयान में कहा, ‘‘अब उम्मीद है कि सरकार ने आरएसएस के कहने पर विश्वविद्यालयों में जिन कुलपतियों, प्रोफेसर और अन्य अयोग्य अधिकारियों की नियुक्ति की है, उन्हें तत्काल हटाया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने में आरएसएस की बड़ी भूमिका रही है।’’

इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने दावा किया कि पिछले महीने नयी दिल्ली में ‘जेन-जी’ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई भाजपा के भीतर जारी खींचतान का नतीजा थी।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के भीतर प्रधानमंत्री पद को लेकर खींचतान जारी है।’’

ठाकरे ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग से देशभर के लोगों में नाराजगी पैदा हुई।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जंतर-मंतर का आंदोलन तो सिर्फ शुरुआत है। यह सरकार के खिलाफ देशव्यापी नाराजगी का परिणाम था।’’

नासिक के दौरे पर गए ठाकरे ने महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रकांत पाटिल से यह भी कहा कि वह युवाओं और उनकी समस्याओं पर ध्यान दें, न कि यह दावा करें कि दिल्ली पुलिस ‘‘जंतर-मंतर पर पत्थरों पर मिले उंगलियों के निशान को प्रदर्शनकारियों के आधार नंबर से मिलाने’’ के बाद कार्रवाई करेगी।

ठाकरे ने नासिक में गड्ढों के कारण होने वाली मौतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।

भाषा

सिम्मी सुरेश

सुरेश


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