आईआईटी मुंबई छात्र आत्महत्या: पिता ने प्रोफेसर, प्रशासन पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया

आईआईटी मुंबई छात्र आत्महत्या: पिता ने प्रोफेसर, प्रशासन पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया

आईआईटी मुंबई छात्र आत्महत्या: पिता ने प्रोफेसर, प्रशासन पर जातिगत उत्पीड़न का आरोप लगाया
Modified Date: September 21, 2026 / 05:57 pm IST
Published Date: September 21, 2026 5:57 pm IST

यवतमाल, 21 सितंबर (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मुंबई के आत्महत्या करने वाले 22 वर्षीय छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि उनके इकलौते बेटे ने एक प्रोफेसर और संस्थान के प्रशासन की ओर से लगातार जातिगत तानों और उत्पीड़न का सामना किया।

अधिकारियों के अनुसार, ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल रवींद्र वाकोडे (22) शुक्रवार शाम आईआईटी मुंबई के पवई परिसर स्थित छात्रावास के अपने कमरे में पंखे से लटका मिला था। अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उसके मध्यावधि परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के कुछ घंटे बाद हुई।

साहिल का अंतिम संस्कार रविवार को उसके पैतृक शहर यवतमाल में किया गया।

रवींद्र वाकोडे ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि साहिल का पालन-पोषण बेहद गरीबी में हुआ और कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक आईआईटी मुंबई में पहुंचा था।

उन्होंने आरोप लगाया कि आईआईटी के संकाय सदस्यों और प्रशासनिक अधिकारियों ने साहिल के साथ जाति के आधार पर भेदभाव किया और उसे झूठे आरोपों में निशाना बनाया। उन्होंने अपने बेटे की मौत में उनकी भूमिका की जांच की मांग की।

वाकोडे परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने शनिवार को भारतीय न्याय संहिता के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की। मामले में एक प्रोफेसर को आरोपी बनाया गया है और अपराध शाखा इसकी जांच कर रही है।

रवींद्र वाकोडे ने कहा कि उनका बेटा मजबूत था और वह आत्महत्या करने वालों में से नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आईआईटी मुंबई प्रशासन ने मेरे बेटे को प्रताड़ित किया और जाति के आधार पर उसके साथ भेदभाव किया।’’

वाकोडे ने आरोप लगाया कि उनका बेटा एक प्रोफेसर के बारे में बात करता था, जो कथित तौर पर उसे ‘‘निचली जाति’’ का कहकर संबोधित करते थे, उसे प्रताड़ित करते थे और झूठे आरोप लगाकर उसका मजाक उड़ाते थे।

उन्होंने संबंधित प्रोफेसर का नाम नहीं बताया और दावा किया कि उक्त प्रोफेसर को संस्थान के निदेशक का समर्थन प्राप्त था।

आईआईटी मुंबई ने सोमवार को कहा कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला को डीन (छात्र मामले) के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।

भाषा अमित प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में