मुंबई, नौ फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव के लिए मतों की गिनती सोमवार सुबह शुरू हो गई।
पहले निर्धारित कार्यक्रम के तहत ये चुनाव पांच फरवरी को होने थे, लेकिन पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु और इसके बाद तीन दिनों के राजकीय शोक के कारण इन्हें स्थगित कर सात फरवरी को कराया गया।
मतगणना सुबह 10 बजे शुरू हुई। इन चुनावों में 2.08 करोड़ मतदाताओं में से 68.28 प्रतिशत से अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
ये मतदान रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिला परिषद के 731 सदस्यों के चुनाव के लिए हुए। इसके अलावा, इनके अधिकार क्षेत्र में आने वाली 125 पंचायत समितियों की 1,462 सीटों के लिए भी मतदान कराया गया।
जिला परिषद चुनावों में कुल 2,624 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पंचायत समिति चुनावों में 4,814 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
प्रत्येक मतदाताओं ने दो वोट डाले जिनमें एक जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र के लिए और दूसरा पंचायत समिति निर्वाचन मंडल के लिए। जिला परिषद चुनावों के लिए सफेद, जबकि पंचायत समिति चुनावों के लिए गुलाबी मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया।
विमान दुर्घटना में अजित पवार की मृत्यु के बाद पहली बड़ी चुनावी कसौटी माने जा रहे इन चुनावों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की राजनीतिक दिशा और संगठनात्मक एकता के लिहाज से सभी की नजर है।
पश्चिमी महाराष्ट्र के अपने गढ़ों में पार्टी के विभिन्न गुटों ने गठबंधन में चुनाव लड़ा है।
ये नतीजे दिवंगत अजित पवार और पार्टी संस्थापक शरद पवार के नेतृत्व वाले राकांपा गुटों की भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
दोनों गुटों ने पुणे, सातारा, सोलापुर और सांगली में इन चुनावों के लिए अपनी दो साल पुरानी प्रतिद्वंद्विता को दरकिनार करते हुए अनौपचारिक गठबंधन किया था जहां दोनों पक्षों के उम्मीदवार मूल चुनाव चिह्न ‘घड़ी’ के साथ मैदान में उतरे।
दोनों गुटों ने पिछले महीने पुणे और पिंपरी चिंचवड निकाय चुनाव भी साथ मिलकर लड़ा था।
भाषा खारी गोला
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