(Post Office SCSS Scheme/ Image Credit: Meta AI)
नई दिल्ली: Post Office Best Scheme हर व्यक्ति अपनी कमाई में से कुछ हिस्सा बचत करने की कोशिश करता है और उसे एक ऐसी जगह निवेश करना चाहता है, जहां पैसा सुरक्षित रहे और रिटर्न भी अच्छा मिले। ऐसे निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। ये योजनाएं खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद बुढ़ापे में आराम से जीवन जीने के लिए उपयुक्त है, क्योंकि ये नियमित आय की गारंटी देती है।
पोस्ट ऑफिस सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (Post Office SCSS Scheme) एक ऐसी योजना है जिसमें निवेश करके आप हर महीने 17,000 रुपये से अधिक की कमाई सुनिश्चित कर सकते हैं। इस योजना को खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के स्रोत (Sources of Regular Income) के रूप में तैयार किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस स्कीम में निवेश पर सरकार की ओर से 8.2% ब्याज दर दी जा रही है, जो बैंक की FD से अधिक है।
पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं (Post Office Savings Schemes) जीरो रिस्क वाली होती हैं, यानी इसमें किए गए निवेश पर सुरक्षा की गारंटी (Security Guarantee) खुद सरकार देती है। यही कारण है कि निवेशक इन योजनाओं पर भरोसा करते हैं। पोस्ट ऑफिस SCSS योजना में सरकार द्वारा दी जाने वाली ब्याज दर अन्य बैंक एफडी की तुलना में बेहतर है, जिससे निवेशकों को अधिक फायदा मिलता है।
Post Office SCSS Scheme में निवेश की शुरुआत सिर्फ 1,000 रुपये से की जा सकती है, जबकि अधिकतम निवेश की सीमा 30 लाख रुपये तक रखी गई है। इस योजना का एक और बड़ा फायदा यह है कि इसमें किए गए निवेश पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक टैक्स छूट (Tax Exemption) मिलती है। इससे आपकी टैक्स बचत भी हो जाती है और नियमित आय के साथ निवेश की योजना और भी लाभकारी बन जाती है।
पोस्ट ऑफिस SCSS योजना में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग VRS (Voluntary Retirement Scheme) ले चुके हैं, वे 55 वर्ष से 60 वर्ष के बीच इस योजना में निवेश कर सकते हैं। डिफेंस सेवाओं से रिटायर हुए कर्मचारी भी इस योजना (Post Office SCSS Scheme) का लाभ उठा सकते हैं यदि उनकी आयु 50 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम हो। इस प्रकार, यह योजना रिटायरमेंट के बाद वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने में मदद करती है।
पोस्ट ऑफिस SCSS योजना का मैच्योरिटी पीरियड 5 साल का होता है। इस योजना में हर तिमाही ब्याज का भुगतान किया जाता है, और अगर खाताधारक 5 साल के बाद अपनी राशि निकालना चाहता है, तो उसे मूल राशि (Principal Amount) के साथ ब्याज भी मिल जाता है। यदि किसी खाताधारक की मृत्यु हो जाती है, तो नॉमिनी (Nominee) को उसकी पूरी राशि दी जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति ने 25 रुपये लाख का निवेश किया है, तो उसे हर तिमाही 51,250 रुपये का ब्याज मिलेगा, जो कि सालाना 2,05,000 रुपये होता है। मासिक आधार (Monthly Basis) पर यह 17,083 रुपये बनता है। यह राशि 5 साल तक लगातार मिलती रहती है और बाद में मूल राशि भी निकाली जा सकती है।