मुंबई, 26 जून (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपियों को शिकायत या प्राथमिकी की प्रतियां न देने पर नाराजगी जतायी और पालघर जिले के एक पुलिस अधिकारी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड की पीठ ने बृहस्पतिवार को पारित अपने आदेश में कहा कि शिकायत की प्रतियां कानूनन आरोपियों को उपलब्ध कराना आवश्यक है।
अदालत पालघर जिले के वाडा पुलिस थाने में दर्ज एक आर्थिक अपराध से संबंधित प्राथमिकी के खिलाफ कुछ लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि वे पुलिस के समक्ष उपस्थित हुए और प्राथमिकी की प्रति मांगी, लेकिन वाडा पुलिस थाने के थाना प्रभारी (एसएचओ) ने उन्हें इसकी प्रति उपलब्ध नहीं कराई।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि उसके समक्ष ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आरोपियों को शिकायत या प्राथमिकी की प्रति देने से पुलिस अधिकारी इनकार कर देते हैं, जिसके कारण उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
अदालत ने वाडा पुलिस थाने के एसएचओ पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया और निर्देश दिया कि वह यह राशि दो सप्ताह के भीतर अपने वेतन से अदालत में जमा करे।
अदालत ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया कि वह पांच दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं को प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध कराए।
भाषा गोला संतोष
संतोष