परिसीमन विधेयक ‘राष्ट्र विरोधी’ और भारतीय एकता के लिए खतरा है: सपकाल

परिसीमन विधेयक ‘राष्ट्र विरोधी’ और भारतीय एकता के लिए खतरा है: सपकाल

परिसीमन विधेयक ‘राष्ट्र विरोधी’ और भारतीय एकता के लिए खतरा है: सपकाल
Modified Date: July 16, 2026 / 07:26 pm IST
Published Date: July 16, 2026 7:26 pm IST

मुंबई, 16 जुलाई (भाषा) कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बृहस्पतिवार को परिसीमन विधेयक को ‘राष्ट्र-विरोधी’ और भारत की एकता के लिए खतरा बताया। उन्होंने दावा किया कि इसे लाने के पीछे सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मकसद देश को बांटना है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों के बिजली बिल माफ करने की महाराष्ट्र सरकार की घोषणा का मकसद राज्य की बिजली कंपनियों के निजीकरण का रास्ता साफ करना था।

केंद्र सरकार की मंशा 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लाने की है, जिसमें लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन शुरू करने का प्रस्ताव है।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपकाल ने कहा, ‘‘परिसीमन विधेयक ‘राष्ट्र-विरोधी’ है। यह देश की एकता के लिए खतरा है। इस विधेयक के पीछे भाजपा का मकसद भारत को उत्तर और दक्षिण में बांटना है, इसीलिए इसे संसद के पिछले सत्र में पारित नहीं किया जा सका।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब संसद के मॉनसून सत्र में इस विधेयक को पारित कराने की एक और कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए भाजपा ने एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) में फूट डलवाई है। कांग्रेस ने इस विधेयक का पुरज़ोर विरोध करके और इसके नतीजों को उजागर करके इस पर अपना रुख पहले ही साफ कर दिया है।’’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में घोषणा की थी कि राज्य सरकार किसानों के बिजली के बकाया बिलों में से लगभग 48,000 करोड़ रुपये माफ करेगी, ताकि खेती के लिए बिजली के नए कनेक्शन प्रदान किये जा सकें।

इस बारे में सपकाल ने दावा किया कि सरकार राज्य बिजली बोर्ड की सभी चार कंपनियों का निजीकरण करके उन्हें अडानी समूह को सौंपने की योजना बना रही है और बिजली बिल माफी की घोषणा इसी मकसद को आगे बढ़ाने के लिए की गई थी।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को बंद करके शिक्षा क्षेत्र के बड़े पैमाने पर निजीकरण की दिशा में बढ़ रही है।

परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर सोनम वांगचुक की ओर से किये जा रहे विरोध-प्रदर्शन पर एक सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि पर्यावरण कार्यकर्ता ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे वही हैं जिन्हें उनकी पार्टी देशव्यापी विरोध-प्रदर्शनों के जरिए उठा रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के कथित पेपर लीक का मुद्दा उठाया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

सपकाल ने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया और इससे जुड़े अगले कार्यक्रम का आयोजन देहरादून में 17 जुलाई को किया जाएगा।

भाषा संतोष नरेश

नरेश


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