देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का दिल का दौरा पड़ने से निधन
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का दिल का दौरा पड़ने से निधन
मुंबई, 28 जुलाई (भाषा) दिग्गज अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री कल्पना कार्तिक के बेटे सुनील आनंद का लंदन में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। वह 70 वर्ष के थे।
अभिनेता एवं निर्देशक सुनील आनंद ने वर्ष 1984 में अपने पिता द्वारा निर्देशित फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘कार थीफ’, ‘मैं तेरे लिए’ और ‘मास्टर’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें अपने पिता जैसी सफलता नहीं मिल सकी।
देव आनंद के करीबी मित्र मोहन चूड़ीवाला ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘26 जुलाई को लंदन में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। देव साहब की बेटी देविना लंदन के लिए रवाना हो रही हैं।’’
सुनील आनंद के परिवार में उनकी मां कल्पना कार्तिक और बहन देविना हैं।
वर्ष 2011 में 88 वर्ष की आयु में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने उनके फिल्म निर्माण बैनर ‘नवकेतन फिल्म्स’ की जिम्मेदारी संभाली थी। देव आनंद ‘गाइड’, ‘हम दोनों’ और ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ जैसी कालजयी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
देव आनंद की 100वीं जयंती से पहले वर्ष 2023 में ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में सुनील आनंद ने अपने पिता को विद्वान अभिनेता बताते हुए कहा था कि उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था, वह ‘‘अपने व्यक्तित्व और पहनावे को लेकर हमेशा सजग रहते थे’’ और राजघरानों से लेकर आम लोगों तक, सभी के साथ सहजता से घुल-मिल जाते थे।
उन्होंने कहा था कि उन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष पिता के साथ बिताए और उनके स्वास्थ्य, कार्यक्रमों तथा उनकी कंपनी ‘नवकेतन’ की जिम्मेदारियां संभालीं।
सुनील ने उस समय कहा था, ‘‘मैंने वर्ष 2008 में हमारी कालजयी फिल्म ‘गाइड’ को कान फिल्म महोत्सव तक पहुंचाने के प्रयासों में भी समन्वय किया था। यह पहली भारतीय फिल्म थी, जिसे कान समिति ने महोत्सव में प्रदर्शित करने के लिए चुना था। यह मेरे पिता, हमारे परिवार, ‘नवकेतन’ और भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि थी।’’
उन्होंने अपने पिता के जीवन पर हॉलीवुड फिल्म बनाने की योजना का भी उल्लेख किया था।
सुनील आनंद ने तब कहा था, ‘‘यह मेरे पिता को समर्पित एक बहुत बड़ी फिल्म है। इसका निर्माण और निर्देशन मैं कर रहा हूं। यह सफर जारी रहेगा। मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाता रहूंगा।’’
भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश
नरेश

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