चिकित्सक मारपीट मामला: उच्च न्यायालय शिवसेना पार्षद की जमानत पर सात अगस्त को आदेश पारित करेगा

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चिकित्सक मारपीट मामला: उच्च न्यायालय शिवसेना पार्षद की जमानत पर सात अगस्त को आदेश पारित करेगा

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  • Publish Date - August 6, 2026 / 08:45 PM IST,
    Updated On - August 6, 2026 / 08:45 PM IST

मुंबई, छह अगस्त (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह नगर निगम द्वारा संचालित ठाणे के एक अस्पताल में चिकित्सकों से कथित मारपीट के मामले में आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को कड़ी शर्तों के साथ जमानत देने पर विचार कर रहा है। इन शर्तों में आरोपपत्र दाखिल होने तक म्हात्रे को महाराष्ट्र से बाहर रहने का निर्देश देना भी शामिल है।

संबंधित पक्षों को सुनने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अनखड़ की पीठ ने जमानत की कुछ शर्तें सूचीबद्ध कीं और कहा कि इस संबंध में औपचारिक आदेश शुक्रवार को पारित किया जाएगा।

अदालत ने म्हात्रे को आरोपपत्र दाखिल होने तक महाराष्ट्र में प्रवेश नहीं करने, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से गवाहों से संपर्क नहीं करने तथा जहां वह रहेंगे, वहां का पता और संपर्क नंबर उपलब्ध कराने जैसी शर्तें रखी हैं।

इस मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपपत्र की स्थिति के बारे में जानना चाहा, जिस पर लोक अभियोजक शिशिर हिरे ने कहा कि फॉरेंसिक विश्लेषण रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया जा सकता है।

इसके बाद पीठ ने कलीना फॉरेंसिक प्रयोगशाला को आरोपी की आवाज के नमूने से संबंधित रिपोर्ट 10 दिन के भीतर सौंपने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले में एक अनुभवी विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने पर भी जोर दिया।

उच्च न्यायालय ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए 18 जुलाई को निचली अदालत द्वारा म्हात्रे को दी गई जमानत पर रोक लगा दी थी।

ठाणे जिले की एक अदालत ने 14 जुलाई को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम के पार्षद म्हात्रे को जमानत दी थी।

म्हात्रे और उनके सहयोगियों को छह जुलाई की रात डोंबिवली के एक नगर निगम अस्पताल में दो चिकित्सकों और नर्सों से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। यह घटना तब हुई थी जब एक परिवार को नवजात शिशु को दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित करने की सलाह दी गई थी, जिसके बाद भारी आक्रोश पैदा हो गया था।

भाषा प्रचेता नेत्रपाल

नेत्रपाल