एल्गार परिषद माओवादी संबंध मामला : उच्च न्यायालय ने सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को जमानत दी

एल्गार परिषद माओवादी संबंध मामला : उच्च न्यायालय ने सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को जमानत दी

एल्गार परिषद माओवादी संबंध मामला : उच्च न्यायालय ने सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को जमानत दी
Modified Date: May 4, 2026 / 08:16 pm IST
Published Date: May 4, 2026 8:16 pm IST

मुंबई, चार मई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने 2018 के एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को सोमवार को जमानत दे दी। अदालत ने यह राहत उनकी लंबी अवधि की हिरासत और निकट भविष्य में मुकदमे की सुनवाई शुरू होने की संभावना कम होने के आधार पर प्रदान की।

न्यायमूर्ति ए. एस. गडकरी की अगुवाई वाली पीठ ने गाडलिंग की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि मामले के अन्य सभी आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं, इसलिए समानता के आधार पर गाडलिंग को भी यह राहत मिलनी चाहिए।

इस फैसले के साथ ही आठ साल से अधिक पुराने इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी अब जमानत पर बाहर हैं।

गौरतलब है कि इस मामले में 84 वर्षीय पादरी एवं आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता स्टेन स्वामी की जुलाई 2021 में हिरासत में रहते हुए मृत्यु हो गई थी।

महाराष्ट्र के पुणे में 31 दिसंबर, 2017 को आयोजित एल्गार परिषद सम्मेलन में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में प्रमुख वकीलों, कार्यकर्ताओं और शिक्षाविदों सहित कम से कम 16 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, इन भाषणों के कारण अगले दिन पुणे शहर के बाहरी इलाके कोरेगांव-भीमा में हिंसा भड़क उठी थी।

शुरुआत में मामले की जांच पुणे पुलिस ने की थी, जिसने दावा किया था कि इस सम्मेलन को माओवादियों का समर्थन प्राप्त था। बाद में इस मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली।

इस मामले के अन्य आरोपियों में वरवर राव, सुधा भारद्वाज, आनंद तेलतुंबडे, वर्नोन गोंसाल्वेस, अरुण फरेरा, शोमा सेन, गौतम नवलखा, सुधीर धवले, रोना विल्सन, ज्योति जगताओ और महेश राउत शामिल हैं।

भाषा रवि कांत रवि कांत दिलीप

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