बैंक से ठगी के मामले में एसबीआई के पूर्व मुख्य प्रबंधक को दो साल जेल की सजा

बैंक से ठगी के मामले में एसबीआई के पूर्व मुख्य प्रबंधक को दो साल जेल की सजा

बैंक से ठगी के मामले में एसबीआई के पूर्व मुख्य प्रबंधक को दो साल जेल की सजा
Modified Date: January 3, 2024 / 08:54 pm IST
Published Date: January 3, 2024 8:54 pm IST

मुंबई, तीन जनवरी (भाषा) बैंक से करीब दो दशक पहले की गई ठगी के मामले में एक विशेष अदालत ने यहां भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पूर्व मुख्य प्रबंधक और एक कंपनी के कार्यकारी अधिकारी को दाषी ठहराते हुए दोनों को दो-दो साल के सश्रम कैद की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराध ‘जघन्य प्रकृति’ के हैं क्योंकि इनकी मंशा ‘देश के आर्थिक ताने-बाने और वित्तीय ढांचे’ को तबाह करना है।

विशेष सीबीआई अदालत के न्यायाधीश डीपी शिंगाडे ने 21 दिसंबर को एसबीआई की मुलुंड शाखा के पूर्व मुख्य प्रबंधक वीबी मंत्री और ट्रिनिटी ग्रीसेज प्राइवेट लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक एमपी अब्राहम को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दोषी ठहराया।

पूर्व बैंकर को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत भी दोषी ठहराया गया था। बुधवार को उपलब्ध कराए गए विस्तृत आदेश के अनुसार, दोनों को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।

अदालत ने कहा, ‘‘इस पर कोई दो राय नहीं हो सकती कि बैंक का पैसा जनता का धन है। ये अपराध अधिक जघन्य प्रकृति के हैं क्योंकि इनका इरादा देश के आर्थिक ताने-बाने और वित्तीय ढांचे को नष्ट करने का है।’’

यह अपराध वर्ष 2002 में दर्ज किया गया था और आरोप पत्र 2005 में दायर किया गया था, लेकिन इसकी सुनवाई आज तक जारी रही। अदालत ने इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश


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