(फाइल फोटो के साथ)
नागपुर, 17 जुलाई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि अगर आगामी महीनों में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में फेरबदल होता है, तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस केंद्र में जा सकते हैं और राज्य में उनकी जगह भाजपा का कोई मंत्री ले सकता है।
राउत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) के ‘राम रक्षा आंदोलन’ से पहले अपने नागपुर दौरे के दौरान पत्रकारों से बात कर रहे थे।
जब उनसे अगले एक-दो महीने में केंद्र और राज्य में मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उस स्थिति में महाराष्ट्र में कुछ बड़े बदलाव नजर आ सकते हैं।
राउत ने कहा, ‘‘अगर केंद्र में फेरबदल होता है, तो फडणवीस देश की सेवा के लिए वहां जा सकते हैं और भाजपा का कोई वरिष्ठ मंत्री महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बन सकता है।’’
राउत ने कहा कि शिवसेना (उबाठा) ने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के विरोध में 18 जुलाई को नागपुर में ‘राम रक्षा’ प्रदर्शन आयोजित किया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समेत सभी ‘हिंदुत्ववादी’ संगठनों को इसमें शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से अनुरोध किया है कि यदि वह स्वयं नहीं आ सकते हैं, तो अपना प्रतिनिधि भेजें। इसी तरह, भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और स्थानीय विधायकों को भी निमंत्रण भेजे गए हैं।’’
राउत ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से राम भक्त और शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ता ‘राम रक्षा’ प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे। विदर्भ क्षेत्र में नागपुर समेत 11 ज़िले हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर संसद सत्र शुरू होने से पहले परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक बुलाये जाने की मांग करने के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, ‘‘हम उनकी (खरगे की) बात से सहमत हैं।’’
सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लाने की योजना बना रही है, जिसमें लोकसभा सीट की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन शुरू करने का प्रस्ताव है।
जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के आंदोलन के समर्थन में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि वहां 20 साल की एक युवती भी उपवास पर बैठी है।
उन्होंने कहा, ‘‘क्या उनकी बिगड़ती हालत की रिपोर्ट प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक नहीं पहुंच रही है? सत्ता में बैठे लोगों में संवेदना खत्म हो गई है। क्या मोदी मंत्रिमंडल में किसी में सोनम वांगचुक के समर्थन में खड़े होने की हिम्मत है?’’
भाषा
राजकुमार वैभव
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