वैश्विक गतिशीलता के भविष्य के लिए ब्रिक्स देशों के बीच गहरे सहयोग की जरूरत : गडकरी

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वैश्विक गतिशीलता के भविष्य के लिए ब्रिक्स देशों के बीच गहरे सहयोग की जरूरत : गडकरी

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  • Publish Date - July 11, 2026 / 06:19 PM IST,
    Updated On - July 11, 2026 / 06:19 PM IST

नागपुर, 11 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को ब्रिक्स देशों से ऐसी परिवहन प्रणाली बनाने के लिए और ज्यादा सहयोग करने का आह्वान किया जो टिकाऊ, मजबूत, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार हों। उन्होंने कहा कि इस समूह की सामूहिक ताकत नवोन्मेष, साझेदारी और साझा जिम्मेदारी के जरिए वैश्विक गतिशीलता के भविष्य को आकार देने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्रियों, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए गडकरी ने बैठक को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच परिवहन सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता, जिसका विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” है, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के शाश्वत दर्शन से प्रेरित एक जन-केंद्रित, “मानवता सर्वोपरि” दृष्टिकोण को दर्शाती है।

गडकरी ने ब्रिक्स देशों के बीच मजबूत संबंधों का आह्वान करते हुए कहा, “ब्रिक्स विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। यह स्वच्छ, सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक कुशल परिवहन प्रणालियों के विकास का नेतृत्व करने के साथ-साथ सतत आर्थिक विकास और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने में सक्षम है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि अवसंरचना वित्तपोषण, भीड़-भाड़, उत्सर्जन, सड़क सुरक्षा और अंतिम छोर तक पहुंच से जुड़ी आम चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधान की जरूरत है।

केंद्रीय मंत्री ने हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक परिवहन, वैकल्पिक ईंधन, डिजिटल परिवहन प्रणालियों और सतत मल्टीमॉडल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने, क्षमता विकास, तकनीकी सहयोग और संयुक्त अनुसंधान के माध्यम से सहयोग को और गहरा करने की भारत की तत्परता दोहराई।

बैठक के परिणामों पर भरोसा व्‍यक्‍त करते हुए गडकरी ने कहा कि विचार-विमर्श से ब्रिक्स परिवहन सहयोग और मजबूत होगा तथा व्यावहारिक, नवोन्मेषी और जन-केंद्रित परिवहन समाधानों में योगदान मिलेगा।

उन्होंने ब्रिक्स देशों से समावेशी विकास को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, पर्यावरण की रक्षा करने और सभी के लिए अधिक सतत और समृद्ध भविष्य में योगदान देने वाली परिवहन प्रणालियों के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।

बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों – ब्राजील, रूस, इंडोनेशिया, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।

भाषा

प्रशांत पवनेश

पवनेश