पुणे, 18 जून (भाषा) पुलिस ने पुणे में एक ढोंगी बाबा और उसके सात सहयोगियों को एक महिला का कई वर्षों तक यौन उत्पीड़न, शारीरिक प्रताड़ना और वित्तीय शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दैवीय शक्तियां होने का झांसा देकर इस कृत्य को अंजाम दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सात सहयोगियों में छह महिलाएं शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता को लंबे समय तक प्रताड़ित किया गया, जिस दौरान उसे बिजली के झटके दिए गए और कथित ढोंगी बाबा का मूत्र पीने के लिए मजबूर किया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कथित अपराध 16 जून को एक शिकायत मिलने के बाद सामने में आया, जिसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई और ढोंगी बाबा राधामोहन मिश्रा सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बार-बार यौन उत्पीड़न, छेड़छाड़ और अमानवीय व्यवहार का शिकार बनाया। इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं और ‘महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अनिष्टकारी व अघोरी प्रथाएं तथा काला जादू रोकथाम एवं उन्मूलन अधिनियम’ के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुणे के खराड़ी क्षेत्र में स्थित मिश्रा के आश्रम पर छापेमारी की गई, जिसके दौरान पुलिस ने आठ लैपटॉप, 19 हार्ड डिस्क, 10 डीवीडी, नौ मोबाइल फोन, 20 कैसेट और 23 पेन ड्राइव जब्त कीं। इसके अलावा लगभग 6.5 लाख रुपये की नकदी और 15 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि परिसर से बड़ी मात्रा में दवाइयां भी मिली हैं, जिनमें से कुछ की मियाद पूरी हो चुकी थी। इनका उद्देश्य पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
अधिकारी ने कहा कि मिश्रा कथित तौर पर कई वर्षों से लोगों को धोखा दे रहा था। शिकायतकर्ता का परिवार दो दशकों से अधिक समय से उससे जुड़ा हुआ था।
‘आधुनिक गुरुकुल’ के नाम पर, आरोपियों ने कथित तौर पर परिवारों को अपने बच्चों को आश्रम में रखने के लिए राजी किया था। बच्चे दिन में स्कूल और कॉलेज जाते थे, लेकिन इसी परिसर में रहते थे, जहां कथित तौर पर उनका शारीरिक उत्पीड़न और मानसिक शोषण किया जाता था।
पुलिस ने कहा कि आरोपी ने ऐसा प्रभाव बना रखा था कि उसके पास अलौकिक शक्तियां हैं और वह लोगों के मन को पढ़ सकता है तथा भविष्य देख सकता है। उसने कथित तौर पर अनुयायियों से उनके विचारों और व्यक्तिगत जीवन के बारे में विस्तृत ‘रिपोर्ट’ लिखवाई, जिसका उपयोग बाद में शिकायतकर्ता और उसके परिवार को मानसिक रूप से नियंत्रित करने के लिए किया गया।
जांचकर्ताओं ने बताया कि पीड़िता को धीरे-धीरे उसके परिवार से अलग कर दिया गया और आरोपी ने उसे अपने पूर्ण प्रभाव में ले लिया। इस स्थिति का लाभ उठाकर, उसने कथित तौर पर महिला से बलात्कार किया और उसे बार-बार प्रताड़ना तथा अन्य प्रकार के उत्पीड़न का शिकार बनाया।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने और भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया होगा। पुलिस ने कहा कि उनकी पहचान करने और उनका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आरोपी से जुड़े आश्रम के हिस्से की तलाशी ली गई है और उसे काफी हद तक सील कर दिया गया है।
आरोपी ने कथित तौर पर शिकायतकर्ता की संपत्तियों को भी अपने नाम पर स्थानांतरित करने का प्रयास किया था। पुलिस ने कहा कि कुछ संपत्तियां पहले ही स्थानांतरित की जा चुकी हो सकती हैं, इसलिए मामले में धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित अपराध की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कथित उत्पीड़न 15 से अधिक वर्षों तक जारी रहा, जबकि शिकायतकर्ता का आरोपी से जुड़ाव 20 वर्ष से अधिक पुराना है।
भाषा सुमित मनीषा
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