पुणे, 13 जून (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार का महाराष्ट्र सरकार की हाल में घोषित कृषि ऋण माफी योजना से ‘‘कड़ी’’ शर्तें हटाने की मांग को लेकर शुरू किया गया अनिश्चितकालीन अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
इस मौके पर पवार ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वह अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता ने किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी की मांग को लेकर शुक्रवार को सोलापुर जिले के पंढरपुर में अनशन शुरू किया था।
अहिल्यानगर जिले की कर्जत-जामखेड़ विधानसभा सीट से विधायक पवार अनशन के जरिए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर दबाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने दो जून को 36,585 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना को मंजूरी दी थी, जिससे करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ के तहत किसानों को दो लाख रुपये तक के कृषि ऋण की माफी का प्रावधान किया गया है।
योजना के ऋण माफी घटक के तहत जिन किसानों का मूलधन और ब्याज सहित अल्पकालिक फसल ऋण बकाया दो लाख रुपये तक है, उन्हें पूर्ण ऋण राहत मिलेगी। इसके लिए ऋण एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित किया गया होना चाहिए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया होना चाहिए और 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया होना चाहिए।
दो लाख रुपये से अधिक बकाया वाले किसानों को ओटीएस घटक के तहत शामिल किया जाएगा। ऐसे किसानों को दो लाख रुपये से ऊपर की राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद वे दो लाख रुपये तक की ऋण माफी के पात्र होंगे। इसके लिए उन्हें 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।
पवार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अपने संकल्प पर कायम हैं। जब तक कृषि ऋण माफी योजना में लगाई गई कड़ी शर्तें नहीं हटाई जातीं और इसका लाभ सभी किसानों तक नहीं पहुंचाया जाता, तब तक मैं अपना अनशन समाप्त नहीं करूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पहली शर्त के तहत वर्ष 2019 की ऋण माफी योजना का लाभ ले चुके किसानों को केवल 50,000 रुपये तक का ही लाभ मिलेगा। दूसरी शर्त के अनुसार किसानों को प्रोत्साहन अनुदान प्राप्त करने के लिए वर्ष 2025-26 और 2026-27 के फसल ऋण का भुगतान करना अनिवार्य किया गया है।’’
पवार ने दावा किया कि इन दोनों शर्तों के कारण 37 लाख से अधिक किसान ऋण माफी योजना के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सीधी और स्पष्ट मांग है कि इन प्रतिबंधात्मक शर्तों को हटाया जाए। ऐसा होने तक मैं अपना अनशन वापस नहीं लूंगा।’’
अनशन को समर्थन देने के लिए पवार के पिता राजेंद्र पवार भी धरनास्थल पहुंचे।
भाषा
राखी नेत्रपाल
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