मुंबई, 18 जून (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्नाटक स्थित श्री महालक्ष्मी अर्बन को-ऑपरेटिव क्रेडिट बैंक का लाइसेंस उसकी खराब वित्तीय स्थिति के कारण निरस्त कर दिया है।
आरबीआई ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा कि उसने कर्नाटक की सहकारी समितियों के पंजीयक से इस शहरी सहकारी बैंक को बंद करने और एक परिसमापक नियुक्त करने का अनुरोध किया है।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि परिसमापन की स्थिति में करीब 97.9 प्रतिशत जमाकर्ताओं को उनकी समूची जमा राशि ‘जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम’ (डीआईसीजीसी) से मिल जाएगी।
रिजर्व बैंक ने लाइसेंस रद्द करने की वजह बताते हुए कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और आय की संभावनाएं नहीं हैं और वह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधानों का अनुपालन नहीं कर रहा है।
आरबीआई के अनुसार, मौजूदा वित्तीय स्थिति में बैंक अपने जमाकर्ताओं को पूरी राशि लौटाने में सक्षम नहीं होगा और इसका संचालन जारी रहना जमाकर्ताओं के हितों के प्रतिकूल होगा।
लाइसेंस रद्द होने के बाद कर्नाटक के गोकाक स्थित इस बैंक को बृहस्पतिवार से ‘बैंकिंग’ कारोबार करने से रोक दिया गया है। इसमें जमा स्वीकार करना और जमा की वापसी करना भी शामिल है।
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