फर्जी पीएमओ कार्ड मामला: परिवार को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया, आरोपी का दावा

फर्जी पीएमओ कार्ड मामला: परिवार को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया, आरोपी का दावा

फर्जी पीएमओ कार्ड मामला: परिवार को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया, आरोपी का दावा
Modified Date: September 10, 2026 / 06:58 pm IST
Published Date: September 10, 2026 6:58 pm IST

मुंबई, 10 सितंबर (भाषा) मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के एक लग्जरी मॉल में प्रधानमंत्री कार्यालय के फर्जी कार्ड का इस्तेमाल करने के आरोप में गिरफ्तार 24 वर्षीय रोहन पारिख ने पुलिस को बताया कि उसने यह कार्ड अपने परिवार को प्रभावित करने के लिए बनाया था और वह चाहता था कि उसके परिवार को लगे कि वह कोई अच्छा और महत्वपूर्ण काम कर रहा है।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सात सितंबर को पारिख अपने साथी दिलीप कुंडे (49) और एक अन्य व्यक्ति प्रथमेश बागुल के साथ जियो वर्ल्ड प्लाजा मॉल पहुंचा था। पारिख ने सुरक्षा कर्मचारियों को डिजिटल पीएमओ पहचान पत्र दिखाया, जिसके बाद तीनों को मॉल में प्रवेश मिला।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने वहां से एक परफ्यूम और एक वॉलेट खरीदा और फिर बाहर निकल गए।

बाद में कुंडे के पास हथियार मिलने के बाद सुरक्षा कर्मचारियों और दोनों के बीच बहस हुई। इस दौरान पारिख ने कथित तौर पर खुद को पीएमओ का अधिकारी बताया। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम से एक दिन पहले हुई थी।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि पारिख ने डिजिटल पीएमओ पहचान पत्र तैयार करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) टूल का इस्तेमाल किया। पुलिस इसकी तकनीकी जानकारी की जांच कर रही है।

अधिकारी ने बताया कि पूछताछ में पारिख ने यह भी दावा किया कि उसे 2024 में पीएमओ में एक पद के लिए चयन की पुष्टि करने वाला ईमेल मिला था। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।

अधिकारी के अनुसार, पुलिस पारिख के परिवार को प्रभावित करने संबंधी स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं है और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस प्रथमेश बागुल को पकड़ने का प्रयास कर रही है। पारिख और कुंडे को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

भाषा तान्या रंजन

रंजन


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