नौसेना के ‘मिग-29के’ लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट का पहला स्वदेशी नवीनीकरण पूरा

नौसेना के ‘मिग-29के’ लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट का पहला स्वदेशी नवीनीकरण पूरा

नौसेना के ‘मिग-29के’ लड़ाकू विमान की इजेक्शन सीट का पहला स्वदेशी नवीनीकरण पूरा
Modified Date: May 14, 2026 / 12:35 pm IST
Published Date: May 14, 2026 12:35 pm IST

नासिक, 14 मई (भाषा) भारतीय वायुसेना के नासिक स्थित बेस रिपेयर डिपो ने आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए भारतीय नौसेना के मिग-29के लड़ाकू विमान की पहली इजेक्शन सीट का स्वदेशी नवीनीकरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह जानकारी बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि अब तक मिग-29के विमान की इजेक्शन सीटों को नवीनीकरण के लिए रूस भेजा जाता था।

बयान के अनुसार बेस रिपेयर डिपो (बीआरडी), नासिक मिग-29 और सुखोई-30 एमकेआई विमानों के बड़े स्तर पर नवीनीकरण का कार्य करता है। सुखोई-30 एमकेआई की इजेक्शन सीट से प्राप्त अपने अनुभव का उपयोग करते हुए, बीआरडी ने मिग-29के की इजेक्शन सीट के नवीनीकरण के लिए तकनीक विकसित की, जिसे वायु दक्षता प्रमाणन एजेंसी आरसीएमए ने मंजूरी दे दी।

नवीनीकृत इजेक्शन सीट को 13 मई को नासिक में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। इस अवसर पर एयर मार्शल यल्ला उमेश और वाइस एडमिरल राहुल विलास गोखले उपस्थित थे।

भाषा शोभना वैभव

वैभव


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