महाराष्ट्र में पहली बार विधानसभा, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के बिना बजट सत्र आयोजित होगा

महाराष्ट्र में पहली बार विधानसभा, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के बिना बजट सत्र आयोजित होगा

महाराष्ट्र में पहली बार विधानसभा, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के बिना बजट सत्र आयोजित होगा
Modified Date: February 23, 2026 / 01:11 am IST
Published Date: February 23, 2026 1:11 am IST

मुंबई, 22 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र विधानसभा का सोमवार से शुरू होने वाला बजट सत्र राज्य के इतिहास में पहला ऐसा सत्र होगा जिसमें विधानसभा और विधान परिषद दोनों में नेता प्रतिपक्ष (एलओपी) नहीं होगा।

विपक्षी संगठन महा विकास अघाडी (एमवीए) ने इस घटनाक्रम को ‘लोकतांत्रिक मानदंडों के लिए खतरा’ करार दिया और तर्क दिया कि ऐसे समय में जब सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति के पास भारी बहुमत है, दोनों सदनों में विपक्ष के सदस्यों की अनुपस्थिति संस्थागत नियंत्रण और संतुलन को कमजोर करती है।

शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने रविवार को विपक्ष के पद से वंचित किए जाने को ‘लोकतंत्र पर कलंक’ बताया और कहा कि सरकार को जवाबदेह ठहराने में विपक्ष की संवैधानिक भूमिका को कमजोर किया जा रहा है।

शिवसेना (उबाठा) विधायक भास्कर जाधव ने सत्तारूढ़ गठबंधन पर अहंकार करने का आरोप लगाया और कहा कि विधानसभा और परिषद में विपक्ष के नेता की नियुक्ति की सुविधा न देकर वह जानबूझकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर रहा है।

इस बारे में पूछे जाने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से कहा, ‘यह निर्णय विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा परिषद के अध्यक्ष का विशेषाधिकार है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।’

पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस एमएलसी प्रज्ञा सातव के इस्तीफे से 78-सदस्यीय विधानसभा में स्थिति और भी जटिल हो गई है, जिससे ऊपरी सदन में विपक्ष के नेता के पद पर दावा करने की पार्टी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं।

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश


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