ठाणे, तीन जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र विधान परिषद के पूर्व सदस्य (एमएलसी) और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. अशोक गजानन मोडक का बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियों के कारण मुंबई के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
वह 85 वर्ष के थे।
गजानन मोडक के बेटे आशीष मोडक ने बताया कि उनके पिता ने पवई स्थित एक निजी अस्पताल में शुक्रवार देर रात अंतिम सांस ली।
उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं।
सोवियत अध्ययन के विद्वान और शिक्षाविद मोडक ने महाराष्ट्र विधान परिषद में कोंकण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का 12 वर्ष (1994-2006) तक प्रतिनिधित्व किया।
विधान परिषद के सदस्य के रूप में वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के प्रति पूरी तरह से समर्पित थे और उन्होंने दूरदराज के आदिवासी गांवों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विकास के लिए निधि का उपयोग किया।
संसदीय बहस में उनके योगदान के लिए उन्हें 1997 में ‘सर्वश्रेष्ठ सांसद’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
मोडक ने 40 पुस्तकें और 120 से अधिक शोध पत्र लिखे।
वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक समर्पित स्वयंसेवक थे और उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
भाषा सिम्मी सुरभि
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