Barse Deva Surrender: लाल आतंक को सबसे बड़ा झटका, नक्सली कमांडर बारसे देवा ने किया सरेंडर, पुलिस जल्द कर सकती है सरेंडर की घोषणा

Barse Deva Surrender: सुकमा में पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। हिड़मा के करीबी और नक्सल संगठन के प्रभावशाली कमांडर पर 50 लाख रुपये का इनाम था।

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  • Publish Date - January 3, 2026 / 08:45 AM IST,
    Updated On - January 3, 2026 / 10:34 AM IST

Barse Deva Surrender/ Image Source : IBC24

HIGHLIGHTS
  • पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया \
  • देवा हिड़मा के करीबी और नक्सल संगठन के प्रभावशाली कमांडर थे
  • आत्मसमर्पण के समय बारसे देवा के पास माउंटेन एलएमजी हथियार था

Barse Deva Surrender सुकमा: नए साल की शुरुआत होते ही लाल आतंक को बड़ा झटका लगा है। शीर्ष नक्सली हिड़मा के करीबी और पीएलजीए कमांडर बारसे देवा ने आज शनिवार, 3 दिसंबर 2026 को तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। नक्सली कमांडर बारसे देवा के सरेंडर के बाद की सबसे पहली तस्वीर सामने आई है। तेलंगाना पुलिस जल्द ही देवा के सरेंडर की आधिकारिक घोषणा करने वाली है।

कल मिली थी सरेंडर की खबर

Barse Deva Surrender आपको बता दें कि कल पीएलजीए कमांडर बारसे देवा के सरेंडर करने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि आज वह तेलंगाना के डीजीपी के सामने हैदराबाद में आत्मसमर्पण करेंगे। बारसे देवा पर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था। वह नक्सल संगठन के भीतर एक प्रभावशाली चेहरा माना जाता रहा है। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद बारसे देवा को पीएलजीए का कमांडर बनाया गया था। इसके बाद से वह संगठन की सैन्य गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रहे थे।

बटालियन नंबर 1 का कमांडर था देवा

बारसे देवा माओवादी पार्टी की सैन्य टुकड़ियों (सशस्त्र बलों) की गतिविधियों को संभाल रहा था। नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 को संगठन की सबसे खतरनाक टीम माना जाता है, और इसका कमांडर बारसे देवा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा इन तीन जिलों में बटालियन का ज्यादा प्रभाव रहा है। माओवादी पार्टी को हथियारों की सप्लाई में बारसे देवा की भूमिका बेहद अहम मानी जाती रही है। Barse Deva Surrender

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बारसे देवा ने कब और कहाँ आत्मसमर्पण किया?

3 दिसंबर 2026 को तेलंगाना पुलिस के सामने हैदराबाद में।

बारसे देवा पर इनाम कितने का था?

उनके ऊपर 50 लाख रुपये से अधिक का इनाम घोषित था।

बारसे देवा का नक्सल संगठन में क्या रोल था?

वे पीएलजीए कमांडर थे और संगठन की सैन्य गतिविधियों व हथियार सप्लाई में अहम भूमिका निभा रहे थे।