तिरुपति लड्डू मिलावट मामले में जांच निष्कर्षों को छिपाना जनता के साथ विश्वासघात होगा: नायडू

तिरुपति लड्डू मिलावट मामले में जांच निष्कर्षों को छिपाना जनता के साथ विश्वासघात होगा: नायडू

तिरुपति लड्डू मिलावट मामले में जांच निष्कर्षों को छिपाना जनता के साथ विश्वासघात होगा: नायडू
Modified Date: February 13, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: February 13, 2026 10:33 pm IST

अमरावती, 13 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति के लड्डुओं में मिलावट के आरोपों को सार्वजनिक करने के अपनी सरकार के फैसले का शुक्रवार को बचाव करते हुए कहा कि इस मामले को छिपाना ‘धर्म का अपमान’ होगा।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जांच के निष्कर्षों को छिपाना जनता के भरोसे के साथ विश्वासघात होगा। नायडू ने कहा कि भविष्य में अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो सरकार को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

नायडू ने सितंबर 2024 में दावा किया था कि राज्य में वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के दौरान तिरुपति लड्डुओं को बनाने में पशु वसा का इस्तेमाल किया गया था।इन आरोपों के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

आंध्र प्रदेश में 2024 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की बैठक के दौरान नायडू ने आरोप लगाया था कि पिछली सरकार ने वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और करोड़ों भक्तों द्वारा पूजनीय व पसंद किए जाने वाले लड्डू बनाने में घटिया सामग्री व पशु वसा का इस्तेमाल किया। इन आरोपों से देशभर में हिंदू समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची थी।

नायडू ने कहा, “अगर हम (लड्डू में मिलावट) का खुलासा नहीं करते, तो यह हमारे लिए घोर पाप होता। कल यह सवाल उठेगा: आपने (सरकार ने) क्यों नहीं बताया?”

मुख्यमंत्री ने सदन में जनता को आश्वस्त किया कि राज्य के सभी मंदिरों को “शुद्ध” कर दिया गया है।

उन्होंने कहा, “” किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोई गुंजाइश नहीं है। राजग सरकार हर मंदिर की पवित्रता बनाए रखने की जिम्मेदारी लेगी और मैं जनता से यही दोहरा रहा हूं।”

इसके अलावा, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) प्रमुख ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी नेताओं द्वारा उनके परिवार के स्वामित्व वाली डेरी कंपनी ‘हेरिटेज फूड्स’ को लड्डू में मिलावट के विवाद से जोड़ने के आरोपों पर नाराजगी व्यक्त की।

नायडू ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा। मुझे नहीं पता कि हेरिटेज का इससे (लड्डू में मिलावट से) क्या लेना-देना है। अब तक हेरिटेज ने सरकार से कोई पैसा नहीं मांगा है। भविष्य में भी नहीं मांगेगी।”

उन्होंने ‘हेरिटेज फूड्स’ को पेशेवरों द्वारा संचालित एक ‘पारिवारिक व्यवसाय’ बताते हुए वाईएसआरसीपी नेताओं पर इसकी प्रतिष्ठा को ‘खराब’ कर इसे आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया।

नायडू ने तेदेपा सरकार की लगभग 20 महीनों की उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन ने अपने वादों को पूरा किया और पिछली सरकार द्वारा उत्पन्न कठिनाइयों को दूर किया।

उन्होंने ‘पी4’ (सार्वजनिक-निजी-जन भागीदारी) कार्यक्रम को देश में ‘गरीबी उन्मूलन का सर्वश्रेष्ठ मॉडल’बताया।

मुख्यमंत्री ने हरित ऊर्जा के लिए योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया उत्पादन के लिए आदर्श बनेंगे।

नायडू ने कहा कि संजीवनी परियोजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाएगा और घोषणा की कि माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स 16 फरवरी को राज्य का दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा कि गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से, व्यक्तिगत चिकित्सा को सक्षम बनाने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा सत्र में जनसंख्या प्रबंधन नीति पेश की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य ने 20 लाख करोड़ रुपये के बड़े निवेश को आकर्षित किया है, जिससे 23 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है, जिनमें से 20 लाख नौकरियां पांच वर्षों के भीतर प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने आश्वासन दिया कि उत्तरी आंध्र प्रदेश की सभी परियोजनाएं तीन साल के भीतर पूरी हो जाएंगी, जबकि पोलावरम परियोजना को वंशधारा से जोड़ा जाएगा।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश


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