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मुंबई, 19 सितंबर (भाषा) मुंबई के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में 22-वर्षीय एक छात्र ने परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के बाद छात्रावास के अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को पवई परिसर के छात्रावास संख्या-4 में इस छात्र का शव छत के पंखे से लटका हुआ मिला।
अधिकारी के अनुसार, उसकी पहचान महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के निवासी साहिल रवींद्र वाकोडे (22) के रूप में हुई है।
वाकोडे की मां ने आरोप लगाया, ‘‘मेरे बेटे का उत्पीड़न किया गया, उसकी हत्या कर दी गयी। मैं न्याय चाहती हूं।’’
अधिकारी ने बताया कि वाकोडे के माता-पिता की शिकायत पर पवई थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।
अधिकारी ने बताया कि मृत छात्र के माता-पिता यवतमाल से मुंबई पहुंचे और दावा किया कि मौत से पहले उनके बेटे को संस्थागत उत्पीड़न एवं जाति-आधारित भेदभाव का सामना करना पड़ा था।
अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल से कोई ‘सुसाइड नोट’ नहीं मिला है।
इस मौत के सिलसिले में पुलिस ने आरंभ में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की थी।
अधिकारी ने बताया कि वाकोडे ऊर्जा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग में बीटेक पाठ्यक्रम के द्वितीय वर्ष का छात्र था।
आईआईटी-मुंबई के एक बयान के अनुसार, वाकोडे ने परीक्षा के दौरान उत्तर के लिए कथित तौर पर परीक्षा का प्रश्न-पत्र ‘चैटजीपीटी’ पर अपलोड किया था।
अधिकारी ने बताया कि मौत का पता तब चला जब छात्रावास में रहने वाले उसके साथियों ने देखा कि उसके कमरे से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। साथियों ने अधिकारियों को सूचित किया, जिन्होंने पुलिस को खबर दी।
इस घटना के बाद परिसर में विरोध-प्रदर्शन भी हुए और विद्यार्थियों ने मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की मांग की।
आईआईटी-मुंबई ने शुक्रवार देर रात जारी एक बयान में कहा कि वाकोडे दिन में परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था, लेकिन उसके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी।
बयान के मुताबिक, ‘इंस्ट्रक्टर’ और विभागाध्यक्ष ने वाकोडे से इस मामले पर बात की एवं उसे समझाया। विभागाध्यक्ष ने उसे आश्वासन दिया कि इस घटना का उसके शैक्षणिक करियर पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
संस्थान ने कहा कि इसके बाद वह छात्रावास में अपने कमरे में लौट आया और शाम को मृत पाया गया।
बयान में कहा गया है, ‘‘संस्थान इस छात्र के दोस्तों, सहपाठियों, शिक्षकों और इस दुखद घटना से प्रभावित अन्य लोगों को सहायता प्रदान कर रहा है।’’
बयान के मुताबिक, मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मुंबई के पवई स्थित आईआईटी परिसर में गत सात महीने में छात्र आत्महत्या का यह तीसरा मामला है।
फरवरी में, छात्रावास में बीटेक द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। जुलाई 2026 में भी नए सेमेस्टर की शुरुआत में बीटेक द्वितीय वर्ष के 20-वर्षीय एक छात्र ने अपनी जान दे दी थी।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश