इंडिया गठबंधन देश में ‘आतंकवाद जैसी’ स्थिति पैदा कर रहा है : कॉजपा के प्रदर्शन पर भाजपा एमएलसी

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इंडिया गठबंधन देश में 'आतंकवाद जैसी' स्थिति पैदा कर रहा है : कॉजपा के प्रदर्शन पर भाजपा एमएलसी

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 06:48 PM IST

मुंबई, 21 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सदाभाऊ खोत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन के जरिये ‘इंडिया’ गठबंधन देश में ‘आतंकवाद जैसी स्थिति’ पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा सोमवार को निकाले गए ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प हो गई थी।

पुलिस के बयान में दावा किया गया था कि इस घटना में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि घायल प्रदर्शनकारियों की संख्या 60 है। वहीं, कॉजपा ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।

इस बारे में संवाददाताओं से बातचीत में खोत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जारी विरोध प्रदर्शन को भड़काने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इंडिया गठबंधन इस प्रदर्शन के जरिये देश में आतंकवाद जैसी स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहा है।’’

भाजपा नेता ने शिक्षा मंत्री प्रधान का समर्थन करते हुए कहा कि उनके मंत्रालय में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल न करने का भी आग्रह किया।

खोत ने कहा, ‘‘केंद्र में नरेन्द्र (मोदी), राज्य की कमान देवेंद्र (फडणवीस) और शिक्षा (मंत्रालय) में धर्मेंद्र (प्रधान) हैं, इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।’’

इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना (उबाठा) की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि खोत के बयानों को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘वह इतने नतमस्तक होकर एमएलसी बने हैं कि अब उन्हें सरकार का पक्ष लेना ही पड़ेगा। खोत ने खुद अतीत में किसानों के लिए आंदोलन किए थे। क्या उसे भी आतंकवाद की श्रेणी में माना जाना चाहिए? वह अपना विवेक खो चुके हैं।’’

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश