Supreme Court Latest Observation: पति-पत्नी के विवाद में क्या नियोक्ता भी होगा शामिल?.. सुप्रीम कोर्ट ने जताई इस बात पर गहरी चिंता, कहा “नौकरी पर आ सकता है संकट”

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Employer in Husband-Wife Disputes: सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद में पति के नियोक्ता को शिकायत भेजने पर चिंता जताई, कहा इससे नौकरी और भरण-पोषण प्रभावित हो सकता है।

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 06:02 PM IST

Employer in Husband-Wife Disputes || Image Source- IBC24 Archive

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट की वैवाहिक विवादों पर अहम टिप्पणी।
  • पति के नियोक्ता को शिकायत भेजने पर जताई चिंता।
  • मामले को मध्यस्थता केंद्र भेजने का निर्देश।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों के दौरान पति या पत्नी के नियोक्ता यानि एम्प्लॉयर को शिकायत भेजने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। (Employer in Husband-Wife Disputes) अदालत ने कहा कि ऐसी शिकायतों से संबंधित व्यक्ति की नौकरी जा सकती है, जिसका असर बाद में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) जैसे मामलों पर भी पड़ सकता है।

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क्या है मामला?

यह टिप्पणी न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की पीठ ने एक ट्रांसफर याचिका की सुनवाई के दौरान की। याचिका एक महिला ने दायर की थी, जिसने अपने पति के मित्र द्वारा उसके खिलाफ असम में दायर मानहानि के मुकदमे को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थानांतरित करने की मांग की थी। महिला का कहना था कि उसके और उसके पति के बीच पहले से ही गाजियाबाद में कई मामले लंबित हैं।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कई मामलों में पत्नियां वैवाहिक विवाद के दौरान अपने पति के नियोक्ता को शिकायत भेजती हैं, जिससे उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। (Employer in Husband-Wife Disputes) उन्होंने कहा कि तलाक मांगना एक अलग बात है, लेकिन जीवनसाथी की आजीविका छीनने की कोशिश करना उससे भी अधिक गंभीर है। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने यह भी कहा कि यदि पति की नौकरी चली जाती है, तो भविष्य में भरण-पोषण का आधार भी प्रभावित हो सकता है।

एयर फोर्स अधिकारी से जुड़ा है मामला

सुनवाई के दौरान महिला के वकील ने बताया कि उसके पति भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं। महिला ने वायुसेना अधिकारियों को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके पति सेवा नियमों के विपरीत निजी व्यवसाय चला रहे हैं।

वहीं, महिला की ओर से यह भी कहा गया कि यह शिकायत तब की गई, जब पति ने उस पर और उसके भाई पर वायुसेना का हेलमेट चोरी करने का झूठा आरोप लगाया था। (Employer in Husband-Wife Disputes) उनका कहना था कि शिकायत का उद्देश्य केवल उस हेलमेट की स्थिति की जानकारी लेना था। साथ ही यह भी बताया गया कि मानहानि का मुकदमा पति ने नहीं, बल्कि उनके एक मित्र ने दायर किया है।

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मध्यस्थता केंद्र भेजा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने के लिए मामले को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र भेज दिया है। साथ ही अदालत ने महिला के वकील से कहा कि वे अपनी मुवक्किल को सभी विवाद सुलझाने और लगाए गए आरोपों को वापस लेने पर विचार करने की सलाह दें।

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सुप्रीम कोर्ट ने पति के नियोक्ता को शिकायत भेजने पर क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि वैवाहिक विवाद के दौरान ऐसा कदम नौकरी और भविष्य के भरण-पोषण दावों को प्रभावित कर सकता है।

यह टिप्पणी किस मामले की सुनवाई के दौरान की गई?

यह टिप्पणी एक ट्रांसफर याचिका की सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें पत्नी ने लंबित मानहानि मामले को स्थानांतरित करने की मांग की थी।

क्या सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुना दिया है?

नहीं। अदालत ने मामले को समझौते की संभावना तलाशने के लिए सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र भेजा है।