Employer in Husband-Wife Disputes || Image Source- IBC24 Archive
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों के दौरान पति या पत्नी के नियोक्ता यानि एम्प्लॉयर को शिकायत भेजने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। (Employer in Husband-Wife Disputes) अदालत ने कहा कि ऐसी शिकायतों से संबंधित व्यक्ति की नौकरी जा सकती है, जिसका असर बाद में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) जैसे मामलों पर भी पड़ सकता है।
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यह टिप्पणी न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की पीठ ने एक ट्रांसफर याचिका की सुनवाई के दौरान की। याचिका एक महिला ने दायर की थी, जिसने अपने पति के मित्र द्वारा उसके खिलाफ असम में दायर मानहानि के मुकदमे को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थानांतरित करने की मांग की थी। महिला का कहना था कि उसके और उसके पति के बीच पहले से ही गाजियाबाद में कई मामले लंबित हैं।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि कई मामलों में पत्नियां वैवाहिक विवाद के दौरान अपने पति के नियोक्ता को शिकायत भेजती हैं, जिससे उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। (Employer in Husband-Wife Disputes) उन्होंने कहा कि तलाक मांगना एक अलग बात है, लेकिन जीवनसाथी की आजीविका छीनने की कोशिश करना उससे भी अधिक गंभीर है। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने यह भी कहा कि यदि पति की नौकरी चली जाती है, तो भविष्य में भरण-पोषण का आधार भी प्रभावित हो सकता है।
सुनवाई के दौरान महिला के वकील ने बताया कि उसके पति भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं। महिला ने वायुसेना अधिकारियों को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उनके पति सेवा नियमों के विपरीत निजी व्यवसाय चला रहे हैं।
वहीं, महिला की ओर से यह भी कहा गया कि यह शिकायत तब की गई, जब पति ने उस पर और उसके भाई पर वायुसेना का हेलमेट चोरी करने का झूठा आरोप लगाया था। (Employer in Husband-Wife Disputes) उनका कहना था कि शिकायत का उद्देश्य केवल उस हेलमेट की स्थिति की जानकारी लेना था। साथ ही यह भी बताया गया कि मानहानि का मुकदमा पति ने नहीं, बल्कि उनके एक मित्र ने दायर किया है।
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सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच समझौते की संभावना तलाशने के लिए मामले को सुप्रीम कोर्ट मध्यस्थता केंद्र भेज दिया है। साथ ही अदालत ने महिला के वकील से कहा कि वे अपनी मुवक्किल को सभी विवाद सुलझाने और लगाए गए आरोपों को वापस लेने पर विचार करने की सलाह दें।
“This is the worst thing a wife can do.
This is matrimonial litigation. They will lose their job. Then what maintenance amount do you seek afterwards?
This is what many wives are doing—writing against their husbands to their employers.”— Justice B. V. Nagarathna, Supreme Court… pic.twitter.com/73Uhq7k1EU
— The Forgotten ‘Man’ 👨⚖️ (@SamSiff) July 20, 2026
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