जरांगे का 12 सितंबर को जालना में मराठों से जुटने का आह्वान; समर्थकों पर कार्रवाई होने पर बंद की चेतावनी

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जरांगे का 12 सितंबर को जालना में मराठों से जुटने का आह्वान; समर्थकों पर कार्रवाई होने पर बंद की चेतावनी

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  • Publish Date - September 7, 2026 / 03:32 PM IST,
    Updated On - September 7, 2026 / 03:32 PM IST

जालना, सात सितंबर (भाषा) मराठा आरक्षण आंदोलन कार्यकर्ता मनोज जरांगे का अनिश्चितकालीन अनशन सोमवार को 10वें दिन में प्रवेश कर गया और इस बीच उन्होंने 12 सितंबर को महाराष्ट्र के जालना में बड़े पैमाने पर जुटने का आह्वान किया और चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई होने पर राज्यव्यापी बंद किया जाएगा।

जरांगे ने अंतरवाली सराटी गांव में प्रदर्शन स्थल पर पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया कि राज्य के मंत्री मराठा समुदाय को गुमराह करने के लिए ‘‘मिलीभगत’’ कर रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि यदि प्रदर्शनकारी मुंबई की ओर बढ़ते हैं तो अधिकारियों की विभिन्न स्थानों पर उन्हें रोकने की योजना है।

उन्होंने पुणे, ठाणे, नासिक और मुंबई समेत प्रमुख जिलों के लोगों से 12 सितंबर को पूरी ताकत के साथ जुटने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘अभी अंतरवाली मत आइए, लेकिन 12 सितंबर को एक भी मराठा पीछे नहीं रहना चाहिए।’’

जरांगे ने 29 अगस्त को अपना ताजा अनशन शुरू किया था और मांग की है कि मराठा समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत आरक्षण दिया जाए। इसमें हैदराबाद और सतारा गजट में दर्ज अभिलेखों को लागू करना तथा मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र जारी करना शामिल है।

कुनबी एक पारंपरिक कृषक समुदाय है, जिसे आधिकारिक तौर पर ओबीसी श्रेणी में रखा गया है। इसके चलते इसके सदस्य शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ पाने के पात्र हैं।

उन्होंने जारी अनशन के दौरान समर्थकों से प्रदर्शन स्थल पर भीड़ नहीं जुटाने की अपील की। साथ ही, 12 सितंबर को अंतरवाली सराटी की ओर जाते समय पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की स्थिति में उनसे जवाबी कार्रवाई नहीं करने को कहा।

उन्होंने चेतावनी दी, ‘‘पुलिस प्रदर्शनकारियों को परेशान करे तब भी हम पुलिस के लिए कोई परेशानी खड़ी नहीं करेंगे। लेकिन अगर एक भी प्रदर्शनकारी का खून बहा तो महाराष्ट्र 10 मिनट के भीतर बंद हो जाना चाहिए।’’

इस बीच, पुलिस ने अंतरवाली सराटी में जरांगे के प्रदर्शन स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर जवाबी भूख हड़ताल शुरू करने वाले चार ओबीसी कार्यकर्ताओं को कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए हिरासत में ले लिया।

भाषा अमित रंजन

रंजन