लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद लाडकी बहिन योजना की शुरुआत हुई : अजित पवार

लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद लाडकी बहिन योजना की शुरुआत हुई : अजित पवार

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 09:49 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 09:49 PM IST

(फाइल फोटो के साथ)

(संदीप कोलहाटकर)

पुणे, नौ जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद राज्य की महायुति सरकार ने महिलाओं के लिए ‘लाडकी बहिन’ नकद हस्तांतरण योजना शुरू करने का फैसला किया था।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में मध्य प्रदेश में इसी तरह की पहल शुरू करने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शिवराज सिंह चौहान से भी सलाह ली गई थी।

महाराष्ट्र में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों के बीच अजित पवार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में यह बात कही।

अजित पवार ने स्वीकार किया कि कल्याणकारी योजनाओं से सरकारी वित्त पर दबाव पड़ता है, लेकिन उन्होंने साथ ही इस बात पर बल दिया कि धन की कमी के कारण महाराष्ट्र में विकास को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।

लाडकी बहिन योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये की राशि प्रदान की जाती है।

इस आलोचना का जवाब देते हुए कि यह योजना राज्य के बजट पर दबाव डाल रही है, उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए नकद हस्तांतरण कार्यक्रम एक राष्ट्रव्यापी योजना के रूप में उभरी है और कई राज्यों में इसे लागू किया जा रहा है।

अजित पवार ने कहा, ‘‘हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं को एकमुश्त 10,000 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। यह उनका अधिकार था। हर कोई चुनाव जीतना चाहता है और ऐसी योजनाएं इसलिए शुरू की जाती हैं, ताकि लोग चुनाव में शामिल हों। ’’

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और उनकी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के महायुति गठबंधन को 2024 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र की 48 सीट में से केवल 17 सीट मिलने के बाद अपनी राजनीतिक रणनीति का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ा।

अजित पवार ने कहा, ‘‘ विधानसभा चुनाव में अब केवल पांच महीने बचे थे। मतदाताओं को वापस अपने पक्ष में लाने और उनका विश्वास फिर से जीतने के लिए क्या किया जा सकता है, इस पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।’’

अजित पवार 2023 में अपने चाचा शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से अलग होकर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे।

उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान द्वारा मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू की गई लाडली बहन योजना ने इस दौरान व्यापक लोकप्रियता हासिल की थी।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमने मामा जी (शिवराज चौहान) से बात की, जिन्होंने हमें योजना के बारे में विस्तार से बताया। उन चर्चाओं के आधार पर हमने महाराष्ट्र में भी इसी तरह की योजना अपनाई।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि पंप सेटों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है।

वित्तीय बोझ की चिंताओं को स्वीकार करते हुए पवार ने कहा कि बड़ी कल्याणकारी योजनाओं को चलाने से बजटीय आवंटन पर असर पड़ता है।

राकांपा नेता ने कहा, ‘‘जब सरकार पर इतनी बड़ी योजनाओं को चलाने की जिम्मेदारी होती है, तो इससे कुछ क्षेत्रों में विकास प्रभावित होता है। हालांकि, विकास आवश्यक है। अन्य खर्चों को इस प्रकार तर्कसंगत बनाया जा सकता है कि कल्याणकारी योजनाएं और विकास की प्रक्रिया साथ-साथ चलें।’’

अजित पवार ने बताया कि महाराष्ट्र में वाढवण बंदरगाह, मेट्रो और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर सहित कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं प्रगति पर हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ कल्याणकारी योजनाओं के जारी रहने के साथ-साथ कई विकास कार्य भी चल रहे हैं।’’

महाराष्ट्र में लाडकी बहिन योजना जुलाई 2024 में शुरू की गई थी, जब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे महायुति सरकार के प्रमुख थे। इसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भारी जीत हासिल करते हुए 288 सीट में से 230 से अधिक सीट जीतीं।

गौरतलब है कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा पुणे और पिंपरी चिंचवड शहरों में 15 जनवरी को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति के हिस्से के रूप में नहीं, बल्कि शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।

भाषा रवि कांत दिलीप

दिलीप