महाराष्ट्र कैबिनेट ने एमपीएससी भर्ती नियमों में बड़े बदलाव को दी मंजूरी, 18 नयी सेवाएं बनाई जाएंगी

महाराष्ट्र कैबिनेट ने एमपीएससी भर्ती नियमों में बड़े बदलाव को दी मंजूरी, 18 नयी सेवाएं बनाई जाएंगी

महाराष्ट्र कैबिनेट ने एमपीएससी भर्ती नियमों में बड़े बदलाव को दी मंजूरी, 18 नयी सेवाएं बनाई जाएंगी
Modified Date: April 13, 2026 / 11:27 pm IST
Published Date: April 13, 2026 11:27 pm IST

मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने सोमवार को राज्य लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती प्रक्रिया के सेवा प्रवेश नियमों में महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी, जिसमें 18 नयी सेवाओं के सृजन का निर्णय भी शामिल है।

सरकार के अनुसार, विभिन्न संवर्गों और सेवाओं में 574 सेवा प्रवेश नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इन बदलावों के तहत शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, कौशल और वरीयता मानदंड को सरल और एकरूप बनाया जाएगा तथा विभिन्न संवर्गों के बीच असंगतियों को दूर किया जाएगा।

बयान में कहा गया है कि समान सेवाओं के लिए अलग-अलग अनुभव मानदंड होने से अनावश्यक रूप से परीक्षाओं की संख्या बढ़ रही थी, जिसे अब अधिक तर्कसंगत और समान बनाया जाएगा।

सरकार ने समूह ‘ए’ और ‘बी’ (राजपत्रित) सेवाओं के लिए महाराष्ट्र सिविल सेवा परीक्षा के दायरे को भी बढ़ाने का फैसला किया है। वर्तमान में छह सेवाओं के तहत 57 संवर्गों में भर्ती होती है, जिसे बढ़ाकर 102 संवर्ग किया जाएगा, जिसमें 45 नए संवर्ग जोड़े जाएंगे।

संयुक्त परीक्षाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए विभिन्न विभागों के समान संवर्गों को मिलाकर 18 नई सेवाएं बनाई जाएंगी, जिनमें कुल 93 संवर्ग शामिल होंगे। इन्हें ‘प्रशासनिक संवर्ग समूह’ और ‘तकनीकी संवर्ग समूह’ में विभाजित किया जाएगा, ताकि कार्यकुशलता बढ़ाई जा सके।

इसके अलावा, कुछ राजपत्रित पदों को नामांकन कोटे के तहत साक्षात्कार के बजाय आंतरिक पदोन्नति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।

बयान में कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के चलते कुछ पुराने संवर्ग अप्रासंगिक हो गए हैं, जिन्हें ‘डाइंग कैडर’ घोषित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से संबंधित नए पद भी सृजित किए जा सकते हैं।

गैर-राजपत्रित पदों के लिए साक्षात्कार समाप्त कर दिए जाएंगे, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी होगी।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के ‘प्रतिभा सेतु’ की तर्ज पर ‘निपुण सेतु’ पहल के तहत साक्षात्कार तक पहुंचने लेकिन अंतिम चयन न होने वाले उम्मीदवारों की जानकारी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ साझा की जाएगी। इसे महाजॉब्स पोर्टल के माध्यम से लागू किया जाएगा।

भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिलॉकर का उपयोग किया जाएगा, जिससे उम्मीदवारों के दस्तावेज जैसे अंकपत्र, ट्रांसफर प्रमाण पत्र, दिव्यांगता प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और खेल प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से प्राप्त किए जा सकेंगे।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश


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