नागपुर, 23 मार्च (भाषा) कांग्रेस और वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) ने सोमवार को नागपुर में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से ‘एपस्टीन फाइल्स’ के मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने पश्चिम एशिया संकट पर केंद्र सरकार के रुख की भी आलोचना की।
यह विरोध मार्च संविधान चौक से शुरू होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) मुख्यालय तक जाना था, लेकिन इसमें शामिल लोग मॉरिस कॉलेज चौक पर रुक गए, जहां उन्होंने मोदी सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह प्रदर्शन एपस्टीन फाइल्स पर आरएसएस का रुख जानने और उसमें प्रधानमंत्री मोदी का नाम सामने आने के मुद्दे पर सवाल उठाने के लिए किया जा रहा है।
सपकाल ने कहा, ‘‘एपस्टीन फाइल्स में ऐसा क्या है कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर जवाब नहीं दे रहे हैं और ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ दे रहे हैं? आरएसएस को मोदी के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए।’’
वहीं, वीबीए प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि आयोजकों ने आरएसएस को यह संदेश दिया कि वे उसके मुख्यालय तक पहुंचकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और केंद्र सरकार की अन्य नीतियों पर चर्चा करना चाहते हैं।
आंबेडकर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कथित रूप से किसानों और सार्वजनिक क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की बैंकिंग व्यवस्था बिगड़ रही है, रुपया कमजोर हो रहा है और राष्ट्र अमेरिका का गुलाम बनता जा रहा है।
आंबेडकर ने सवाल किया, ‘‘आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राष्ट्रवाद की बात करते हैं, लेकिन क्या यह राष्ट्रवाद है जब प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं?’’
उन्होंने आरएसएस से देशहित में स्पष्ट रुख अपनाने और यह सवाल उठाने की अपील की कि मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नीति का पालन क्यों कर रहे हैं।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
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