प्रिया ने घरेलू दर्शकों को शांत कराया, प्रीति और जादुमणि भी मुक्केबाजी के सेमीफाइनल में

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प्रिया ने घरेलू दर्शकों को शांत कराया, प्रीति और जादुमणि भी मुक्केबाजी के सेमीफाइनल में

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  • Publish Date - July 29, 2026 / 02:36 AM IST,
    Updated On - July 29, 2026 / 02:36 AM IST

(अपराजिता उपाध्याय)

ग्लास्गो, 28 जुलाई (भाषा) मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रिया घंघास ने मेजबान स्कॉटलैंड की जोरदार भीड़ के सामने शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की, जबकि प्रीति पवार और जादुमणि सिंह ने भी अपने-अपने मुकाबलों में दमदार प्रदर्शन कर राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर दिए।

परवीन हुड्डा और कपिल पोखरिया को अंतिम आठ मुकाबले में हारकर बाहर होना पड़ा।

महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति ने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं, महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में प्रिया ने पहले राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए स्कॉटलैंड की स्थानीय दावेदार नियाम मिशेल को 4-1 के विभाजित फैसले से मात दी।

पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह ने जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया।

प्रिया के लिए यह मुकाबला आसान नहीं था। 20 वर्षीय हरियाणा की मुक्केबाज को स्कॉटलैंड की घरेलू भीड़ के भारी समर्थन के बीच रिंग में उतरना पड़ा। हर स्कॉटिश पंच पर दर्शकों की जोरदार प्रतिक्रिया के बावजूद प्रिया ने धैर्य नहीं खोया।

उन्होंने जीत के बाद मुस्कुराते हुए कहा, ‘यही तो एहसास है, स्कॉटलैंड में स्कॉटलैंड को हराना।’

पहले राउंड में प्रिया को कड़ी चुनौती मिली और चार जजो ने स्कॉटिश मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने दूसरे राउंड में आक्रामक रुख अपनाया और लगातार सटीक पंच लगाकर मिशेल को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस राउंड में दोनों मुक्केबाजों पर एक-एक अंक की कटौती भी हुई। प्रिया पर सिर नीचे करने और मिशेल पर जरूरत से ज्यादा पकड़ बनाने के लिए जुर्माना लगा।

इसके बावजूद प्रिया की लय नहीं टूटी। उन्होंने दूसरे राउंड में 4-1 से जीत हासिल की और निर्णायक तीसरे राउंड में संयम के साथ बेहतर पंच लगाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

प्रीति ने निकोल क्लाइड के खिलाफ शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा। लंबाई में पीछे होने के बावजूद भारतीय मुक्केबाज ने अपनी गति, फुटवर्क और सटीक पंचों के दम पर मुकाबले को नियंत्रित किया।

उन्होंने पहले राउंड में लगातार शानदार संयोजन पंच लगाकर बढ़त बनाई, और फिर दूसरे राउंड में उनके तेज चाल और सटीक हमलों का क्लाइड के पास कोई जवाब नहीं था।

अंतिम राउंड में बढ़त सुरक्षित होने के बावजूद भारतीय मुक्केबाज ने अनुशासन बनाए रखा और सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज की।

यह प्रीति के करियर का पहला राष्ट्रमंडल खेल पदक होगा। सेमीफाइनल में उनका सामना जाम्बिया की कैथरीन मवापे से होगा।

पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में मणिपुर के जादुमणि सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक पक्का किया। उन्होंने शुरुआत से ही तकनीकी कौशल, तेज फुटवर्क और सटीक काउंटर पंचिंग के जरिए जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले पर दबाव बनाए रखा।

जादुमणि ने मुकाबले के दौरान अपने प्रतिद्वंद्वी को लय हासिल करने का मौका नहीं दिया और लगातार प्रभावी पंच लगाकर पांचों जजों का समर्थन हासिल किया। उनकी 5-0 की जीत के साथ भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हो गईं।

महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में पूर्व एशियाई चैंपियन और विश्व चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता परवीन हुड्डा का अभियान समाप्त हो गया। उन्हें इंग्लैंड की साशा हिकी के खिलाफ 2-3 के करीबी विभाजित फैसले से हार का सामना करना पड़ा।

पोखरिया का राष्ट्रमंडल खेलों में अभियान क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। उन्हें पुरुषों के 90 किग्रा वर्ग में रॉबर्ट मैकनल्टी के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में सर्वसम्मत फैसले से हार का सामना करना पड़ा।

पहले दो राउंड में बढ़त बनाने वाले मैकनल्टी ने तीसरे राउंड में भी अपना दबदबा कायम रखा और मुकाबला अपने नाम किया। इस हार के साथ कपिल राष्ट्रमंडल खेलों से बिना पदक के बाहर हो गए।

भाषा

आनन्द सुधीर

सुधीर