ग्लास्गो, 28 जुलाई (भाषा) एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता गुलवीर सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 10,000 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक रजत पदक अपने नाम किया।
इसके साथ ही वह इस स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। एथलेटिक्स में भारत का यह दूसरा रजत पदक है। इससे पहले सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत पदक जीता था।
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुलवीर ने ‘स्कॉट्सटाउन स्टेडियम’ में लगातार हो रही बारिश और पानी से भरे ट्रैक जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद पूरी दौड़ में अग्रणी धावकों के साथ अपनी जगह बनाए रखी।
अंतिम चरण में उन्होंने जबरदस्त तेजी दिखाई और 27 मिनट 49.78 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27:48.93 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि आइल ऑफ मैन के डेविड मुलार्की 27:50.28 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहे।
अमेरिका में कोच स्कॉट सिमंस के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे गुलवीर ने मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच बेहतरीन रणनीति अपनाई। इस दौड़ में कीनिया के 2023 विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता डेनियल एबेयो जैसे कई दिग्गज अफ्रीकी धावक भी शामिल थे।
लगातार बारिश के बावजूद गुलवीर अधिकांश समय शीर्ष समूह के साथ बने रहे और अंतिम लैप में अपनी गति को बढाकर मुलार्की को पीछे छोड़ते हुए रजत पदक पर कब्जा जमाया।
गुलवीर के इस प्रदर्शन के साथ एक और बड़ा इतिहास भी बना। वर्ष 1986 के बाद पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 10,000 मीटर स्पर्धा के पदक विजेताओं में किसी भी अफ्रीकी धावक का नाम शामिल नहीं रहा। यह उपलब्धि 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में अविनाश साबले द्वारा 3000 मीटर स्टीपलचेज में केन्या के लंबे समय से चले आ रहे वर्चस्व को तोड़ते हुए रजत पदक जीतने की याद भी ताजा कर गई।
महिलाओं की ऊंची कूद में भारत को निराशा हाथ लगी। एशियाई चैंपियन पूजा सिंह 1.82 मीटर की ऊंचाई पार करने में असफल रहीं और प्रतियोगिता से बाहर हो गईं। 19 वर्षीय पूजा का यह राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण था।
भारी बारिश के कारण प्रतियोगिता कुछ समय के लिए बाधित भी हुई। खेल दोबारा शुरू होने के बाद भी पूजा अपने तीसरे और अंतिम प्रयास में 1.82 मीटर की ऊंचाई पार नहीं कर सकीं, जिससे उनका अभियान समाप्त हो गया।
भाषा
आनन्द सुधीर
सुधीर