महाराष्ट्र: माकपा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पालघर में मार्च शुरू किया
महाराष्ट्र: माकपा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पालघर में मार्च शुरू किया
पालघर, 19 जनवरी (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने वन अधिकार अधिनियम और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम (पेसा) सहित कई ज्वलंत और लंबित मांगों को उठाते हुए पालघर जिले की सभी तहसीलों से लगभग 50,000 लोगों के साथ अपना विशाल मार्च शुरू किया।
माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य और अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धावले ने एक विज्ञप्ति में बताया कि अन्य मांगों में सभी मंदिर, इनाम व सरकारी भूमि को वास्तविक किसानों के नाम पर करना, मनरेगा को बहाल व मजबूत करना, ‘स्मार्ट मीटर’ योजना को रद्द करना, चारों श्रम संहिताओं को निरस्त करना और प्रस्तावित वधावन और मुरबे बंदरगाहों को रद्द करना शामिल है। पार्टी ने बताया कि यह मार्च दहानू तहसील के चारोटी से शुरू हुआ और मंगलवार को पालघर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने से पहले रात के समय मनोर में रुकेगा।
उन्होंने कहा, “जब तक कि सरकार हमारी ज्वलंत व लंबित मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं कर लेती और उनके कार्यान्वयन के लिए निश्चित समयबद्ध आश्वासन नहीं देती तब तक प्रदर्शनकारी पालघर कलेक्ट्रेट में अनिश्चितकालीन धरना देंगे।”
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मार्च में भाग लेने वालों में जिले के किसान, कृषि श्रमिक, आदिवासी, मजदूर, महिलाएं, युवा और छात्र शामिल हैं।
विज्ञिप्त में बताया गया कि मार्च में भाग लेने वाले समूहों में अखिल भारतीय किसान सभा, सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू), अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच शामिल हैं।
भाषा जितेंद्र माधव
माधव


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