महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने दही-हांडी उत्सव के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा पर जोर दिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने दही-हांडी उत्सव के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा पर जोर दिया

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री ने दही-हांडी उत्सव के दौरान प्रतिभागियों की सुरक्षा पर जोर दिया
Modified Date: September 5, 2026 / 08:10 pm IST
Published Date: September 5, 2026 8:10 pm IST

ठाणे, पांच सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि दही-हांडी के दौरान रिकॉर्ड बनाने के लिए ऊंची मानव पिरामिड बनाने से ज्यादा जरूरी प्रतिभागियों की सुरक्षा है।

पूरे महाराष्ट्र में शनिवार को दही-हांडी का उत्सव पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया।

भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले जन्माष्टमी त्योहार का एक हिस्सा ‘दही-हांडी’ है, जिसमें लोग पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते हैं। मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में यह त्योहार पारंपरिक जोश और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

शिंदे ने यहां टेंभी नाका में आयोजित भव्य समारोह के दौरान प्रतिभागियों को याद दिलाया कि घर पर उनका इंतजार कर रहे प्रियजनों के लिए उनकी सुरक्षा सबसे ज्यादा मायने रखती है। उन्होंने त्योहार मनाते समय अनुशासन और एक-दूसरे का ध्यान रखने की अपील की।

उन्होंने कहा, ‘‘मटकी फोड़ें, लेकिन अपने जीवन का ध्यान रखते हुए ऐसा किया जाना चाहिए। याद रखें कि आपके माता-पिता घर पर आपका इंतजार कर रहे हैं। हर ‘गोविंदा’ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके साथी घायल न हों।’’

अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि महाराष्ट्र में दही-हांडी उत्सव के दौरान दो लोगों की जान चली गई। मुंबई में ईंटों का एक खंभा गिरने से सात वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई, जबकि पुणे में लोहे के एक ढांचे के नीचे दबकर एक महिला की मौत हो गई।

इसके अलावा, उत्सव के तहत मानव पिरामिड बनाने के दौरान मुंबई में कम से कम 32 ‘गोविंदा’ और ठाणे में 10 अन्य घायल हो गये।

शिंदे ने कहा कि ‘महायुति’ सरकार ने दही हांडी को साहसिक खेल का दर्जा देने, सार्वजनिक अवकाश घोषित करने, प्रतिभागियों के लिए सरकार समर्थित बीमा कवरेज उपलब्ध कराने और इस पारंपरिक खेल को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ‘प्रो गोविंदा’ शुरू करने जैसे कदम उठाए हैं।

भाषा

देवेंद्र रंजन

रंजन


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