महाराष्ट्र: निर्वाचित प्रतिनिधियों को एक साल के भीतर जाति प्रमाण-पत्र जमा करना होगा
महाराष्ट्र: निर्वाचित प्रतिनिधियों को एक साल के भीतर जाति प्रमाण-पत्र जमा करना होगा
मुंबई, 28 जुलाई (भाषा) महाराष्ट्र में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल के एक फैसले के अनुसार ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में आरक्षित सीट से निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों को अब अपने निर्वाचन के 12 महीनों के भीतर अपना जाति वैधता प्रमाण-पत्र जमा करना होगा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार इस निर्णय को लागू करने के लिए मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र ग्राम पंचायत तथा महाराष्ट्र जिला परिषद एवं पंचायत समिति (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को जारी करने की मंजूरी दी क्योंकि वर्तमान में राज्य विधानमंडल का सत्र नहीं चल रहा है।
इस अध्यादेश में स्पष्ट प्रावधान है कि ग्रामीण स्थानीय शासन की त्रिस्तरीय व्यवस्था – ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में आरक्षित सीट से चयनित प्रतिनिधियों को अपना जाति वैधता प्रमाण-पत्र जमा करना होगा। तय समय-सीमा के भीतर प्रमाण-पत्र जमा नहीं करने पर संबंधित प्रतिनिधियों का चुनाव रद्द कर दिया जाएगा।
इस फैसले के अनुसार नौ फरवरी 2026 को या उसके बाद, लेकिन इस अध्यादेश के लागू होने से पहले, ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के लिए हुए आम या उपचुनाव में आरक्षित सीट से चुने गए उम्मीदवारों को अपने निर्वाचन की घोषणा की तारीख से 12 महीने के भीतर अपना जाति वैधता प्रमाण-पत्र जमा करना होगा।
भाषा
सुरभि नरेश
नरेश

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